वाराणसी : सीर गोवर्धनपुर में सीवर और सड़क निर्माण अधूरा, लोगों में आक्रोश

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वाराणसी। सीर गोवर्धनपुर वार्ड नंबर 23 में चल रहे सीवर, पाइप लाइन और सड़क निर्माण कार्यों में कथित लापरवाही को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि नगर निगम और संबंधित ठेकेदार द्वारा विकास कार्यों को अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे आम लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मौके पर निरीक्षण तक नहीं कर रहे, जिसके कारण जनता का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।

स्थानीय नागरिकों के मुताबिक वार्ड के कई इलाकों में सीवर और पाइप लाइन डालने के बाद मैनहोल खुले छोड़ दिए गए हैं। कई जगहों पर ढक्कन तक नहीं लगाए गए, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। लोगों का कहना है कि रात के समय और बारिश के दौरान स्थिति और भी भयावह हो जाती है। खुले गड्ढों के कारण बच्चों, बुजुर्गों और वाहन चालकों को लगातार खतरे का सामना करना पड़ रहा है।

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क्षेत्र के लोगों ने बताया कि कई गलियों में सड़क निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। कहीं कुछ फीट सड़क बनाकर काम रोक दिया गया, तो कहीं बिना समुचित जल निकासी व्यवस्था किए ही सड़क की ढलाई कर दी गई। इसके चलते बारिश और नालियों का गंदा पानी गलियों में जमा हो रहा है, जिससे बदबू और गंदगी का माहौल बना हुआ है। लोगों को घरों से निकलने तक में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

महिलाओं और बुजुर्गों ने बताया कि जलभराव और कीचड़ की समस्या से दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है। बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हो रही है, जबकि दोपहिया वाहन चालक फिसलकर घायल हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कुछ गलियों को पिछले वर्ष दिसंबर में सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदा गया था, लेकिन आज तक निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया।

क्षेत्रीय जनता ने आरोप लगाया कि ठेकेदार मनमाने तरीके से काम कर रहा है और गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा जा रहा। कई बार शिकायत करने के बावजूद संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अधूरे कार्य पूरे नहीं किए गए तो बरसात के मौसम में हालात और भी खराब हो जाएंगे।

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स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्यों को तत्काल पूरा कराया जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि समस्या का समाधान नहीं होने पर क्षेत्रीय जनता आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होगी।

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