डिजिटल टैक्स भुगतान में वाराणसी बना मिसाल, 44 हजार से अधिक भवन स्वामियों ने जमा किया 27.64 करोड़ रुपये कर

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वाराणसी। प्रधानमंत्री मोदी के डिजिटल इंडिया विजन को आगे बढ़ाते हुए नगर निगम वाराणसी ने कर भुगतान व्यवस्था को पूरी तरह तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 44,382 भवन स्वामियों ने 27.64 करोड़ रुपये से अधिक का गृहकर, जलकर और सीवर कर जमा किया है। नगर निगम द्वारा शुरू की गई ऑनलाइन और एआई आधारित सेवाओं को नागरिकों का व्यापक समर्थन मिल रहा है।

नगर निगम ने करदाताओं की सुविधा के लिए ऑनलाइन भुगतान के साथ-साथ एआई आधारित व्हाट्सएप चैटबॉट सेवा और क्यूआर कोड प्रणाली लागू की है। इस नई व्यवस्था के जरिए लोगों को निगम कार्यालयों के चक्कर लगाने और लंबी कतारों में खड़े होने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। नगर निगम का दावा है कि वाराणसी प्रदेश का पहला नगर निगम है, जिसने संपत्ति कर भुगतान के लिए अत्याधुनिक एआई आधारित व्हाट्सएप चैटबॉट सेवा शुरू की है।

आंकड़ों के अनुसार, यूपीआई, नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड जैसे ऑनलाइन माध्यमों से 16,622 भवन स्वामियों ने 12.39 करोड़ रुपये से अधिक का कर जमा किया है। वहीं इंडसइंड बैंक के तकनीकी सहयोग से संचालित व्हाट्सएप चैटबॉट के माध्यम से लगभग एक हजार करदाताओं ने 59.55 लाख रुपये से अधिक का कर भुगतान किया है।

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि शहर के लगभग 2.33 लाख भवन स्वामियों को सरल और पारदर्शी कर भुगतान सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह व्यवस्था शुरू की गई है। करदाता केवल क्यूआर कोड स्कैन करके अपने मोबाइल पर सक्रिय होने वाले व्हाट्सएप नंबर 86018 72601 पर “Hi” भेजकर अपना डिजिटल बिल प्राप्त कर सकते हैं। इसके बाद कुछ ही मिनटों में सुरक्षित भुगतान कर रसीद डाउनलोड की जा सकती है।

नगर निगम ने समय से कर जमा करने वाले नागरिकों के लिए विशेष छूट की भी घोषणा की है। 15 जुलाई तक गृहकर, जलकर और सीवर कर जमा करने पर 10 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इसके अलावा ऑनलाइन भुगतान करने वाले करदाताओं को 2 प्रतिशत अतिरिक्त छूट मिलेगी, जिससे कुल राहत 12 प्रतिशत तक हो जाएगी।

इसके साथ ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और पद्म पुरस्कार विजेताओं को गृहकर, जलकर एवं सीवर कर में 50 प्रतिशत की विशेष छूट प्रदान की जा रही है। नगर आयुक्त ने बताया कि एक अप्रैल से छह मई के बीच कर जमा करने वाले नागरिकों की छूट राशि अगले वित्तीय वर्ष के बिल में समायोजित कर दी जाएगी।

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