वाराणसी में 400 करोड़ से हाईटेक न्यायालय भवन निर्माण का प्रस्ताव, हाईकोर्ट की तर्ज पर होगीं सुविधाएं, सीएम से मिल चुका है आश्वासन, शासन ने जल्द मंजूरी की उम्मीद 

WhatsApp Channel Join Now

वाराणसी। अधिवक्ताओं और वादकारियों को जल्द ही आधुनिक सुविधाओं से लैस नई कचहरी मिलने की उम्मीद है। सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश गौतम के अनुसार, करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से सेंट्रल जेल के पास लगभग 25 एकड़ भूमि पर नया न्यायालय परिसर बनाने का प्रस्ताव है। हाईकोर्ट की तर्ज पर प्रस्तावित कचहरी में अत्याधुनिक और हाईटेक सुविधाएं मिलेंगी। 

कुछ दिनों पहले वाराणसी के अधिवक्ताओं ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर नए न्यायालय भवन के निर्माण की मांग की थी। सीएम ने अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कचहरी निर्माण का आश्वासन दिया। इसको लेकर जिलाधिकारी को निर्देशित भी किया था। ऐसे में हाईकोर्ट की संस्तुति के बाद प्रस्ताव को शासन से भी जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। 

नई कचहरी की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि सभी न्यायाधीश एक ही भवन परिसर में बैठेंगे। इससे न्यायिक कार्यों से जुड़े विभिन्न कार्यालयों और सुविधाओं तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। इसके अलावा परिसर में करीब आठ हजार अधिवक्ताओं के बैठने की समुचित व्यवस्था की जाएगी। न्यायिक कार्य से संबंधित आवश्यक सुविधाएं भी एक ही परिसर में उपलब्ध कराने की योजना है।

100 साल पुरानी कचहरी से मिलेगी राहत
सेंट्रल बार अध्यक्ष ने बताया कि वाराणसी की वर्तमान कचहरी 100 साल से अधिक पुरानी हो चुकी है। समय के साथ शहर की आबादी, अधिवक्ताओं और मुकदमों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। पुराने न्यायालय परिसर में जगह और सुविधाओं की कमी के चलते लंबे समय से नए और आधुनिक कचहरी परिसर की जरूरत महसूस की जा रही थी।

उन्होंने बताया कि नई कचहरी के प्रस्ताव को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर चर्चा की थी। मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए इसे आगे बढ़ाने की मंजूरी दी है।

ढाई से तीन साल में पूरा होने की उम्मीद
प्रेम प्रकाश गौतम के मुताबिक, प्रस्ताव से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद निर्माण कार्य तेजी से कराया जाएगा। उम्मीद है कि करीब ढाई से तीन साल में नया कचहरी परिसर बनकर तैयार हो जाएगा।

नई कचहरी के अस्तित्व में आने से वाराणसी की न्यायिक व्यवस्था को आधुनिक आधारभूत ढांचा मिलेगा। साथ ही अधिवक्ताओं के लिए बेहतर कार्यस्थल और वादकारियों के लिए सुविधाजनक माहौल उपलब्ध होने की उम्मीद है। न्यायिक अधिकारियों को भी एकीकृत परिसर में बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

Share this story