वाराणसी : प्रमुख सचिव कृषि ने खाद की उपलब्धता और वितरण का जाना हाल, अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश 

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वाराणसी। धान की रोपाई के महत्वपूर्ण समय में किसानों को उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख सचिव कृषि रविन्द्र ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वाराणसी समेत विभिन्न जनपदों में उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी सहकारी समितियां और निजी उर्वरक विक्रेता समय से अपने प्रतिष्ठान खोलें तथा किसानों को उनकी मांग और जोत बही के आधार पर निर्धारित सरकारी दर पर पीओएस (POS) मशीन के माध्यम से उर्वरक उपलब्ध कराएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी किसान को खाद प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।

जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह ने बताया कि वर्तमान में धान की रोपाई का उपयुक्त समय चल रहा है। जिन किसानों की नर्सरी तैयार हो चुकी है, वे शीघ्र खेत की तैयारी कर रोपाई करें, क्योंकि विलंब होने पर उत्पादन प्रभावित हो सकता है। उन्होंने बताया कि इफको की एक रैक से जनपद को 986 मीट्रिक टन डीएपी प्राप्त हुई है, जिसे विभिन्न सहकारी समितियों और बिक्री केंद्रों पर भेजा जा रहा है। इसके अलावा हिंदुस्तान उर्वरक लिमिटेड की रैक से 779 मीट्रिक टन यूरिया भी प्राप्त हुआ है, जिसकी आपूर्ति समितियों और निजी विक्रेताओं के माध्यम से किसानों तक पहुंचाई जा रही है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिले में 15,496 मीट्रिक टन यूरिया, 5,321 मीट्रिक टन डीएपी, 7,533 मीट्रिक टन एनपीके तथा 1,398 मीट्रिक टन पोटाश उपलब्ध है। यह जुलाई माह तक के निर्धारित फेजिंग लक्ष्य के मुकाबले क्रमशः 235 प्रतिशत यूरिया, 189 प्रतिशत डीएपी, 544 प्रतिशत एनपीके और 267 प्रतिशत पोटाश की उपलब्धता दर्शाता है। इससे स्पष्ट है कि जनपद में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और सभी सहकारी समितियों एवं निजी बिक्री केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित मूल्य पर अपनी आवश्यकता और जोत बही के अनुसार ही उर्वरक प्राप्त करें। यदि किसी किसान को खाद प्राप्त करने में किसी प्रकार की समस्या आती है, तो वह जनपद स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 7007259543 एवं 7007900847 पर सूचना दे सकता है। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई कर नियमानुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही सभी उर्वरक विक्रेताओं को समय से प्रतिष्ठान खोलने और पारदर्शी तरीके से पीओएस मशीन के माध्यम से बिक्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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