वाराणसी : अपराध, विवेचना और यातायात में लापरवाही पर नपेंगे पुलिसकर्मी, निलंबन तक की कार्रवाई, पुलिस आयुक्त ने मीटिंग में मातहतों को दी सख्त चेतावनी
पुलिस कमिश्नर ने की समीक्षा, गुमशुदा बच्चों की बरामदगी और लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाने पर जोर
यक्ष एप और विभिन्न पोर्टल के जरिए अपराधियों की गतिविधियों पर रखी जाएगी नजर
त्योहारों पर सुरक्षा: दुर्गा प्रतिमा विसर्जन, रामलीला, रावण दहन और भरत मिलाप के लिए व्यापक इंतजाम के निर्देश
एयर शो में प्रतिदिन 20 लाख लोगों के संभावित आगमन को देखते हुए भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन की तैयारी
चाइनीज मांझे और बिना लाइसेंस पटाखों की बिक्री, भंडारण व निर्माण के खिलाफ चलेगा अभियान
वाराणसी। अपराध नियंत्रण, गुणवत्तापूर्ण विवेचना, गुमशुदा बच्चों की बरामदगी और यातायात व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की अब जवाबदेही तय होगी। पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल ने समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि अनावश्यक देरी, कमजोर पर्यवेक्षण और सुरक्षा व्यवस्था में चूक को गंभीरता से लिया जाएगा। लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ निलंबन सहित नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगामी त्योहारों, एमएलसी चुनाव और एयर शो को देखते हुए सुरक्षा, यातायात तथा भीड़ प्रबंधन की तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए।
पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को अपराधियों पर प्रभावी निगरानी रखने, डिजिटल पुलिसिंग का इस्तेमाल बढ़ाने और प्रत्येक मामले की नियमित समीक्षा करने को कहा। उन्होंने जोर दिया कि केवल कार्रवाई करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके परिणाम भी दिखने चाहिए। विवेचना की गुणवत्ता, समयबद्ध निस्तारण और संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
डिजिटल पुलिसिंग से अपराधियों पर रहेगी नजर
पुलिस आयुक्त ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163, 172 और 194 सहित अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के विधिसम्मत अनुपालन पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को गाण्डीव, सहयोग, समन्वय और प्रतिबिम्ब पोर्टल के साथ यक्ष एप की कार्यप्रणाली समझकर उनका प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए।
यक्ष एप के माध्यम से अपराधियों की गतिविधियों पर निगरानी रखने और अपराध की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सतर्कता बरतने को कहा गया। निर्देश दिया गया कि यदि किसी थाने या बीट क्षेत्र का अपराधी दूसरे क्षेत्र में जाकर वारदात करता है, तो संबंधित थाना प्रभारी और बीट प्रभारी की भूमिका की समीक्षा की जाएगी। लापरवाही सामने आने पर जवाबदेही निर्धारित होगी। वात्सल्य पोर्टल पर भी सभी आवश्यक जानकारियां अनिवार्य कॉलम सहित सही और पूर्ण रूप से दर्ज करने को कहा गया, ताकि सूचनाओं के संकलन और कार्रवाई में किसी तरह की कमी न रहे।
गुमशुदा बच्चों की बरामदगी में देरी पर नाराजगी
गुमशुदा बच्चों की बरामदगी के मामलों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर पुलिस आयुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक मामले में तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए और उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए बच्चों की तलाश तेज की जाए।
ऐसे मामलों की नियमित समीक्षा करने और हर स्तर पर कार्रवाई की प्रगति की निगरानी रखने को कहा गया। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि बच्चों की बरामदगी जैसे संवेदनशील मामलों में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
60 और 90 दिन की समयसीमा में पूरी हो विवेचना
लंबित विवेचनाओं के निस्तारण में तेजी लाने के लिए पुलिस आयुक्त ने 60 और 90 दिनों की निर्धारित समयसीमा के भीतर आने वाले मामलों को नियमानुसार पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुकदमा दर्ज होने के पहले दिन से ही विवेचना की निगरानी शुरू होनी चाहिए। संबंधित अधिकारी नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करें, जिससे अनावश्यक देरी न हो।
एसीपी स्तर के अधिकारियों को विवेचना की गुणवत्ता, साक्ष्य संकलन और समयबद्ध निस्तारण का प्रभावी पर्यवेक्षण करने को कहा गया। ई-साक्ष्य पोर्टल पर साक्ष्यों का विवरण नियमानुसार दर्ज करने तथा साक्ष्य संकलन में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
लूट और चेन स्नेचिंग के लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने पर जोर दिया गया। पुलिस आयुक्त ने चेतावनी दी कि विवेचना को अनावश्यक रूप से लंबित रखने या निर्धारित समयसीमा के पालन में लापरवाही बरतने पर निलंबन सहित विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
जाम लगते ही मौके पर पहुंचें पुलिसकर्मी
शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए रूट मार्शल और चौकी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। आरटीसी योजना के तहत यातायात संचालन की निगरानी करने और जाम की स्थिति उत्पन्न होते ही तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जाम की सूचना उच्चाधिकारियों तक तत्काल पहुंचाई जाए और प्रमुख चौराहों तथा संवेदनशील यातायात बिंदुओं पर पुलिस की प्रभावी मौजूदगी सुनिश्चित की जाए। जेडएफडी व्यवस्था की समीक्षा कर उसके क्रियान्वयन में आने वाली कमियों को दूर करने पर भी जोर दिया गया।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए केवल निर्देश जारी करना पर्याप्त नहीं है। मौके पर पुलिस की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए, ताकि आम लोगों को जाम से राहत मिल सके।
चाइनीज मांझे और अवैध पटाखों के खिलाफ अभियान
चाइनीज मांझे से होने वाली घटनाओं की रोकथाम के लिए पुलिस आयुक्त ने बिक्री, भंडारण और वितरण करने वालों के विरुद्ध अभियान चलाने के निर्देश दिए। कार्रवाई को केवल दुकानदारों तक सीमित न रखते हुए बड़े गोदामों, आपूर्तिकर्ताओं और निर्माण से जुड़े लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि चाइनीज मांझे से होने वाली घटनाओं की रोकथाम में संबंधित थाना प्रभारी की भूमिका की भी समीक्षा होगी। लापरवाही मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह बिना आवश्यक लाइसेंस या वैधानिक अनुमति के पटाखों का निर्माण, भंडारण और बिक्री करने वालों के विरुद्ध भी अभियान चलाने को कहा गया। आगामी त्योहारों को देखते हुए अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
दुर्गा विसर्जन से भरत मिलाप तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
आगामी त्योहारों और धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस आयुक्त ने विस्तृत सुरक्षा योजना तैयार करने को कहा। दुर्गा प्रतिमा स्थापना एवं विसर्जन, रावण दहन, रामलीला और भरत मिलाप सहित प्रमुख आयोजनों के दौरान संवेदनशील स्थलों, जुलूस मार्गों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों का पहले से निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।
आयोजन स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, बैरिकेडिंग, यातायात डायवर्जन, पार्किंग और आपातकालीन निकासी की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने को कहा गया। संबंधित विभागों और पुलिस इकाइयों के बीच समन्वय स्थापित कर सुरक्षा योजना तैयार करने तथा समय रहते कमियों को दूर करने पर जोर दिया गया।
एयर शो में प्रतिदिन 20 लाख लोगों के आगमन की संभावना
एमएलसी चुनाव और एयर शो को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। एयर शो में प्रतिदिन लगभग 20 लाख लोगों के आने की संभावना के मद्देनजर व्यापक सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन की योजना तैयार करने को कहा गया।
प्रवेश और निकास मार्गों, प्रमुख चौराहों तथा पार्किंग स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के साथ बैरिकेडिंग, यातायात डायवर्जन, साइनेज और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए। नवीन थानों पर तैनात थाना प्रभारियों और पुलिस टीमों को अपने क्षेत्रों का भ्रमण कर प्रमुख मार्गों, संवेदनशील स्थलों, भीड़ एकत्र होने वाले स्थानों और वैकल्पिक रास्तों की जानकारी जुटाने को कहा गया।
गंगा के दोनों तटों और संबंधित घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। नावों में सवार लोगों के लिए लाइफ जैकेट का इस्तेमाल सुनिश्चित कराने तथा डीप-वाटर बैरिकेडिंग को सुरक्षित और व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए। जल पुलिस और संबंधित इकाइयों को लगातार निगरानी रखने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया।
पुलिस आयुक्त का स्पष्ट संदेश: हर काम की होगी समीक्षा
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने अधिकारियों को अपराध नियंत्रण, बच्चों की बरामदगी, विवेचना, यातायात प्रबंधन और महत्वपूर्ण आयोजनों की सुरक्षा में परिणामोन्मुखी कार्यप्रणाली अपनाने को कहा। उन्होंने नियमित समीक्षा और प्रभावी पर्यवेक्षण के माध्यम से प्रत्येक कार्य की प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनावश्यक विलंब या सुरक्षा व्यवस्था में चूक मिलने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी की जवाबदेही तय की जाएगी। नियमों के तहत कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। आगामी दिनों में त्योहारों, एमएलसी चुनाव और एयर शो के मद्देनजर पुलिस को सतर्कता, समन्वय और बेहतर प्रबंधन के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

