वाराणसी : लापरवाही पर पुलिस कमिश्नर का बड़ा एक्शन, सिंधौरा इंस्पेक्टर लाइन हाजिर, सरैयां चौकी प्रभारी निलंबित
वाराणसी। पुलिस कमिश्नरेट में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की। सिंधौरा थाना क्षेत्र में हुई चर्चित हत्या के मामले में अपेक्षित कार्रवाई न करने पर थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया, जबकि विवेचनाएं लंबित रखने के आरोप में सरैयां चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया। बैठक में आगामी श्रावण मास की सुरक्षा व्यवस्था, समयबद्ध विवेचना और अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
पुलिस आयुक्त ने शुक्रवार की शाम कैंप कार्यालय में राजपत्रित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध विवेचना तथा आगामी श्रावण मास की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए थाना सिंधौरा के प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेन्द्र कुमार त्रिपाठी को लाइन हाजिर कर दिया गया। उनके स्थान पर सिगरा थाना के नगर निगम चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक पंकज कुमार को सिंधौरा का नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि 2 जुलाई को सिंधौरा थाना क्षेत्र में हुई सनसनीखेज हत्या की घटना में अपेक्षित स्तर की प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने पर प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आई। वहीं जैतपुरा थाना क्षेत्र के सरैयां चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक सत्यदेव गुप्ता को पांच विवेचनाएं क्रमशः 23, 826, 884, 939 और 1060 दिनों तक लंबित रखने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
बैठक में पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सामान्य अपराधों की विवेचना 60 दिनों और जघन्य अपराधों की विवेचना 90 दिनों के भीतर हर हाल में पूरी की जाए। समयसीमा से बाहर लंबित विवेचनाओं पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं होगी।
उन्होंने संगठित अपराध, माफिया, साइबर अपराधियों, गोवध एवं एनडीपीएस तस्करों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट, गुण्डा एक्ट, राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) तथा संपत्ति जब्ती जैसी प्रभावी कानूनी कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही एसआर श्रेणी के मामलों के शीघ्र अनावरण, पेशेवर अपराधियों की सतत निगरानी, ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत दिन-रात सघन चेकिंग तथा रात्रि गश्त को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
आगामी श्रावण मास को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने कांवड़ मार्गों, संवेदनशील स्थलों, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा, सुगम यातायात और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। सोशल मीडिया पर अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं की सतत निगरानी रखते हुए तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त आलोक प्रियदर्शी, डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल, डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार, डीसीपी गोमती जोन नीतू, डीसीपी सुरक्षा अनिल कुमार यादव सहित सभी राजपत्रित अधिकारी उपस्थित रहे।

