वाराणसी : सावन में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए एनडीआरएफ अलर्ट, गंगा घाटों पर 24 घंटे निगरानी, अतिरिक्त टीमें तैनात

WhatsApp Channel Join Now

वाराणसी। श्रावण मास में बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन और गंगास्नान के लिए काशी पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 11वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने अपनी तैयारियां और अधिक मजबूत कर दी हैं। गंगा घाटों और जल क्षेत्रों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए एनडीआरएफ ने एक अतिरिक्त बाढ़ एवं जल-राहत टीम की तैनाती की है, जो किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चौबीसों घंटे मुस्तैद रहेगी।

एनडीआरएफ की यह विशेष टीम अत्याधुनिक बचाव उपकरणों, मोटरबोट, वाटर एम्बुलेंस, लाइफ सेविंग किट और अन्य आधुनिक संसाधनों से लैस है। टीम का मुख्य उद्देश्य गंगा में नौकायन, स्नान या अन्य जल गतिविधियों के दौरान होने वाली संभावित दुर्घटनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया देना और जरूरतमंदों को तत्काल राहत एवं बचाव उपलब्ध कराना है। सावन मेले के दौरान गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए एनडीआरएफ ने अपने परिचालन को और अधिक सक्रिय बना दिया है।

123

11वीं वाहिनी एनडीआरएफ के अधिकारियों ने बताया कि वाराणसी में वर्षभर एक विशेष जल-राहत टीम गंगा घाटों पर 24×7 तैनात रहती है। यह टीम वाटर एम्बुलेंस की सहायता से जल संबंधी आपातकालीन घटनाओं में तत्काल बचाव कार्य करती है। किसी भी दुर्घटना या डूबने की सूचना मिलते ही प्रशिक्षित जवान आधुनिक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर देते हैं।

एनडीआरएफ केवल राहत एवं बचाव कार्यों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि जनजागरूकता अभियान भी लगातार चला रही है। टीम द्वारा श्रद्धालुओं, नाविकों और स्थानीय नागरिकों को जल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्हें सुरक्षित नौकायन, डूबने की घटनाओं से बचाव, नदी में सावधानी बरतने तथा आपदा की स्थिति में अपनाए जाने वाले आवश्यक सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही सभी से नौका विहार के दौरान लाइफ जैकेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने और जिला प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।

इसी क्रम में रविवार को 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ के कमांडिंग ऑफिसर अनूप सिंह बिष्ट ने गंगा घाटों पर तैनात राहत एवं बचाव टीमों का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न तैनाती स्थलों पर पहुंचकर मोटरबोट, वाटर एम्बुलेंस, संचार उपकरणों और अन्य बचाव संसाधनों की कार्यशीलता का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों एवं जवानों को निर्देश दिए कि सावन मेले की पूरी अवधि में पूर्ण सतर्कता बनाए रखें तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।

कमांडिंग ऑफिसर ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए स्थानीय प्रशासन, पुलिस, जल पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति का समय रहते प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके। उन्होंने जवानों को उच्च स्तर की पेशेवर दक्षता, अनुशासन और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के निर्देश भी दिए।

11वीं वाहिनी एनडीआरएफ ने भरोसा दिलाया है कि सावन मेला के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, गंगा घाटों पर सुव्यवस्थित व्यवस्था और जल संबंधी किसी भी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए उसकी सभी टीमें पूरी तरह तैयार हैं। प्रशासन और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वित प्रयासों के जरिए सुरक्षित, व्यवस्थित और निर्बाध सावन मेला संपन्न कराने के लिए एनडीआरएफ पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

Share this story