वाराणसी नगर निगम की स्मार्ट पहल, चार घंटे में 17 शिकायतों का समाधान 

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व्हाट्सएप चैटबॉट से दर्ज हुईं शिकायतें, जियो-टैग्ड मॉनिटरिंग के जरिए तय समय में निस्तारण
 

प्रदेश का पहला नगर निगम बना वाराणसी, शिकायत दर्ज होने के चार घंटे के भीतर समाधान सुनिश्चित
 

गंगा तट के 25 वार्डों में शुरू हुआ स्मार्ट पायलट प्रोजेक्ट, स्वास्थ्य विभाग की 6 और स्ट्रीट लाइट की 5 शिकायतें आईं
 

व्हाट्सएप नंबर 8601872601 पर फोटो और लाइव लोकेशन भेजकर दर्ज कराई जा सकती है शिकायत
 

कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जियो-टैग्ड मॉनिटरिंग के जरिए हो रही है हर शिकायत की निगरानी

वाराणसी। नगर निगम की नई 'त्वरित-समाधान स्मार्ट पायलट परियोजना' ने पहले ही दिन अपनी प्रभावशीलता साबित कर दी। महापौर अशोक कुमार तिवारी के निर्देश पर शुरू की गई इस अभिनव व्यवस्था के तहत मंगलवार को व्हाट्सएप चैटबॉट के माध्यम से प्राप्त 17 शिकायतों का महज चार घंटे के भीतर शत-प्रतिशत निस्तारण कर दिया गया। इसी के साथ वाराणसी, शिकायत दर्ज होने के चार घंटे के भीतर उसका समाधान सुनिश्चित करने वाला उत्तर प्रदेश का पहला नगर निगम बन गया है।

परियोजना के तहत सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक नागरिकों ने व्हाट्सएप के माध्यम से अपनी समस्याएं दर्ज कराईं। शिकायत मिलते ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को सूचना भेजी गई और जियो-टैग्ड मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए मौके पर पहुंचकर समस्याओं का समाधान किया गया। कार्य पूरा होने के बाद अधिकारियों ने जीपीएस टैग्ड फोटो अपलोड कर शिकायतों का निस्तारण दर्ज किया।

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अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि पहले दिन स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी सबसे अधिक 6 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें पांच सामान्य सफाई एवं कूड़ा उठाने तथा एक डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण से संबंधित थी। आलोक (स्ट्रीट लाइट) विभाग से जुड़ी 5 शिकायतों में तीन स्ट्रीट लाइट के संचालन और दो बिजली के खंभों में करंट उतरने की थीं। इसके अलावा सामान्य अभियांत्रिकी विभाग से जलभराव और खुले नाले की बैरिकेडिंग संबंधी 3 शिकायतें, जलकल विभाग से पाइपलाइन लीकेज की 2 शिकायतें तथा पशु विभाग को सार्वजनिक स्थान से मृत पशु हटाने की 1 शिकायत प्राप्त हुई। उद्यान विभाग से पहले दिन कोई शिकायत नहीं आई।

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शिकायतों के मामले में सिगरा, ईश्वरगंगी, नागवा और हनुमान फाटक वार्ड सबसे आगे रहे, जहां से दो-दो शिकायतें दर्ज की गईं। वहीं मध्यमेश्वर, बिंदुमाधव, बलुआबीर, शिवाला, प्रह्लादघाट, गोलादीनानाथ, दशाश्वमेध, जंगमबाड़ी और कालभैरव वार्डों से भी नागरिकों ने अपनी समस्याएं भेजीं। महापौर अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि प्रथम चरण में गंगा तटवर्ती चार जोन आदमपुर, भेलूपुर, दशाश्वमेध और कोतवाली के 25 वार्डों को इस परियोजना में शामिल किया गया है। नागरिक व्हाट्सएप नंबर 8601872601 पर "Hi" लिखकर अपनी लाइव लोकेशन और समस्या का फोटो भेज सकते हैं। शिकायत सीधे संबंधित अधिकारी के मोबाइल एप पर पहुंच जाती है, जिससे त्वरित कार्रवाई संभव हो पाती है। पूरी व्यवस्था की निगरानी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से की जा रही है, जहां आईटी एक्सपर्ट, डाटा एनालिस्ट और सात ऑपरेटरों की टीम लगातार मॉनिटरिंग कर रही है।

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