वाराणसी नगर निगम की ओटीएस योजना को मंजूरी, 15 अगस्त से बकायेदारों को ब्याज और सरचार्ज में 100% छूट
वाराणसी। नगर निगम कार्यकारिणी ने गृहकर, जलकर और सीवरकर के बकायेदारों को बड़ी राहत देते हुए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) को मंजूरी दे दी है। महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में मंगलवार को सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी सभागार में आयोजित कार्यकारिणी की बैठक में इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मुहर लगी। योजना के तहत मूल बकाया राशि का एकमुश्त भुगतान करने वाले करदाताओं को अधिरोपित ब्याज और सरचार्ज में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी।
यह विशेष योजना 15 अगस्त से 15 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। नगर निगम का उद्देश्य अधिक से अधिक बकाया कर की वसूली के साथ नागरिकों को आर्थिक राहत प्रदान करना है। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किए जा सकेंगे, जिससे करदाताओं को जोनल कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि छोटे और मध्यम करदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कार्यकारिणी ने किस्तों में भुगतान की व्यवस्था भी स्वीकृत की है। इसके तहत एक लाख रुपये तक के बकायेदार कुल बकाया राशि का एक-तिहाई हिस्सा पहले 30 दिनों के भीतर जमा कर सकेंगे, जबकि शेष राशि का भुगतान अगली दो मासिक किस्तों में किया जा सकेगा।
बैठक में उत्तर प्रदेश नगर निगम (संपत्ति कर) पंचम संशोधन नियमावली के तहत संपत्ति कर निर्धारण प्रणाली में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। नई व्यवस्था के अनुसार सूक्ष्म एवं लघु औद्योगिक इकाइयों पर अब छात्रावास और शैक्षणिक संस्थानों के समान संपत्ति कर लागू होगा। वहीं औद्योगिक इकाइयों, स्टार होटलों, रिसॉर्ट, पंजीकृत पर्यटन इकाइयों तथा सरकारी एवं सार्वजनिक उपक्रमों के कार्यालयों के लिए संपत्ति कर की दर निर्धारित कर की तीन गुना तय की गई है। साथ ही मध्यम एवं बड़े उद्योगों के लिए कर की दर पहले के पांच गुना से घटाकर तीन गुना कर दी गई है।
कार्यकारिणी बैठक में जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्रों के लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा सड़कों पर ईंट, बालू और गिट्टी रखकर यातायात बाधित करने वालों के खिलाफ प्रभावी जुर्माना नियमावली तैयार करने का निर्णय लिया गया। हालांकि, निजी आवास निर्माण कराने वाले भवन स्वामियों को इस प्रावधान से राहत देने पर सहमति बनी।
बैठक में उपसभापति नरसिंह दास सहित कार्यकारिणी के सभी सदस्य तथा नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि ओटीएस योजना से बड़ी संख्या में बकायेदारों को राहत मिलेगी और नगर निगम के राजस्व संग्रह में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

