वाराणसी : पेट्रोल खत्म होने का बहाना बनाकर बुलाया, सिर पर हमलाकर किया घायल, ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान मौत, तीन नामजद समेत अज्ञात पर मुकदमा
वाराणसी। लंका थाना क्षेत्र के नेपुरा कला गांव निवासी 35 वर्षीय विनीत यादव उर्फ धीरू की शुक्रवार रात ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान मौत हो गई। वह 23 सितंबर की रात संदिग्ध परिस्थितियों में गंभीर रूप से घायल मिला था। परिजनों का आरोप है कि पेट्रोल खत्म होने का बहाना बनाकर उसे बुलाया गया और साथियों के साथ मिलकर उसके सिर पर हमला किया गया। युवक की मौत के बाद पुलिस ने दर्ज मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
परिजनों के मुताबिक, 23 सितंबर की रात गांव का गोलू यादव जमालपुर डोरी गांव स्थित एक अस्पताल में आयोजित पार्टी में गया था। आरोप है कि वहां से लौटने के बाद उसने विनीत को फोन कर पेट्रोल खत्म होने की बात कही और मदद के लिए बुलाया। फोन आने पर विनीत उसके बताए स्थान पर पहुंच गया।
आरोप है कि वहां गोलू यादव ने साहिल सिंह, आकाश जायसवाल और दो-तीन अज्ञात लोगों के साथ मिलकर विनीत पर हमला कर दिया। हमले में उसके सिर में गंभीर चोट लगी और वह मौके पर ही बेसुध हो गया। इसके बाद आरोपी उसे घायल अवस्था में छोड़कर फरार हो गए।
पोखरे के पास मिला था घायल
गुरुवार सुबह नेपुरा पोखरा के पास से गुजर रहे गांव निवासी रामदुलार राजभर की नजर बेसुध पड़े विनीत पर पड़ी। उन्होंने इसकी जानकारी उसके परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और गंभीर हालत में उसे ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया, लेकिन सिर में गंभीर चोट के कारण उसकी हालत नाजुक बनी रही। शुक्रवार रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
हत्या की धारा बढ़ाएगी पुलिस
विनीत के बड़े भाई रामदुलार यादव की तहरीर पर लंका पुलिस ने गुरुवार रात गोलू यादव, साहिल सिंह और आकाश जायसवाल समेत दो-तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट और हत्या के प्रयास की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। अब युवक की मौत के बाद मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ाने की कार्रवाई की जा रही है।
लंका इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा ने बताया कि घायल युवक की उपचार के दौरान मौत हुई है। मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं। घटना के कारणों और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
चार भाइयों में सबसे छोटा था विनीत
विनीत अपने पिता पतु यादव के चार बेटों में सबसे छोटा था। उसके पिता लकड़ी का कारोबार करते हैं। विनीत डाफी क्षेत्र में एक डॉक्टर की गाड़ी चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी मौत से पत्नी नीतू, आठ वर्षीय बेटी श्रेयांसी, चार वर्षीय बेटा श्रेयांस और मां मुन्नी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है।

