वाराणसी : एक दिन की बारिश में डूबी काशीपुरम कॉलोनी, जलभराव से जनजीवन प्रभावित, स्थायी समाधान की उठी मांग

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वाराणसी। सावन के दौरान मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर शहर की जलनिकासी व्यवस्था की हकीकत सामने ला दी। सीर गोवर्धनपुर स्थित काशीपुरम कॉलोनी में बारिश के बाद हालात इतने बिगड़ गए कि पूरी कॉलोनी जलमग्न हो गई। गलियों से लेकर घरों के बाहर तक घुटनों से ऊपर पानी भर जाने से लोगों का सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। स्थानीय लोगों ने इसे बाढ़ जैसी स्थिति बताते हुए नगर निगम और प्रशासन से तत्काल राहत एवं स्थायी समाधान की मांग की है।

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बारिश थमने के बाद भी कॉलोनी में पानी नहीं निकला। कई स्थानों पर जलभराव इतना अधिक था कि लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। कुछ मकानों में बारिश का पानी प्रवेश कर गया, जिससे घरेलू सामान को भी नुकसान पहुंचा। कॉलोनी की सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गईं और आने-जाने का रास्ता बाधित हो गया।

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निवासियों का कहना है कि काशीपुरम कॉलोनी में जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। हर वर्ष बारिश के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती है, लेकिन इस बार स्थिति पहले से अधिक गंभीर रही। उनका आरोप है कि नालियों की सफाई और जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।

जलभराव का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं पर पड़ा। बच्चों को स्कूल आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जबकि बुजुर्गों के लिए पानी से भरी गलियों में निकलना जोखिम भरा साबित हो रहा है। पानी में सड़कें और गड्ढे दिखाई नहीं देने से दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने बिजली के खुले तारों और खंभों के कारण करंट उतरने का खतरा भी जताया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते बिजली विभाग और नगर निगम ने आवश्यक कदम नहीं उठाए तो कोई गंभीर हादसा हो सकता है। लोगों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

कॉलोनीवासियों ने नगर निगम और जिला प्रशासन से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कराने, जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकलवाने तथा बिजली व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि हर बरसात में यह समस्या दोहराई जाती है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली बारिश में हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं।

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