वाराणसी : ट्रांसफार्मरों के जलने पर दंडात्मक कार्रवाई से जूनियर इंजीनियरों में आक्रोश, प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी। राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन, पूर्वांचल शाखा ने विद्युत व्यवस्था से जुड़ी विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) प्रबंधन के समक्ष अपनी मांगें उठाईं। संगठन की ओर से वितरण परिवर्तकों की लगातार बढ़ती क्षतिग्रस्ता, अवर अभियंताओं एवं प्रोन्नत अभियंताओं पर हो रही दंडात्मक कार्रवाई तथा संसाधनों की कमी जैसे मुद्दों को लेकर प्रबंध निदेशक के प्रतिनिधि निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) को ज्ञापन सौंपा गया। साथ ही निदेशक तकनीकी को भी संवर्ग की समस्याओं से अवगत कराया गया।
ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने कहा कि वर्तमान समय में बिना पर्याप्त संसाधन, सुरक्षा उपकरण और आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराए विद्युत व्यवस्था का संचालन कराया जा रहा है। इसका सीधा असर बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ रहा है और वितरण ट्रांसफार्मरों के जलने एवं तकनीकी खराबियों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। संगठन का कहना है कि फील्ड कर्मचारियों और अभियंताओं को जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है।
संगठन ने मांग की कि ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा के लिए प्रभावी तकनीकी व्यवस्था लागू की जाए तथा तकनीकी मानकों के अनुरूप आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। इसके साथ ही जले हुए ट्रांसफार्मरों की ऑन-साइट मरम्मत के लिए पर्याप्त कार्यदायी संस्थाएं, आवश्यक सामग्री और आधुनिक तकनीकी उपकरण (टी एंड पी) उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति मिल सके।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि अवर अभियंताओं एवं विद्युत कर्मचारियों के खिलाफ बिना समुचित जांच के दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। संगठन ने ऐसी कार्यवाहियों पर तत्काल रोक लगाने और निष्पक्ष जांच की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। संगठन ने विद्युत उपकेंद्रों और लाइनों के अनुरक्षण कार्यों के लिए पर्याप्त एवं प्रशिक्षित मैनपावर उपलब्ध कराने, सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने और फील्ड कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इसके अलावा रिक्त पड़े अवर अभियंता पदों को शीघ्र भरने और कार्य व्यवस्था को व्यावहारिक बनाने की मांग भी की गई।
संगठन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो विद्युत व्यवस्था और उपभोक्ता सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने प्रबंधन एवं शासन से सकारात्मक और व्यावहारिक निर्णय लेते हुए अभियंताओं और कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने की मांग की। इस अवसर पर संगठन के पूर्वांचल अध्यक्ष इं. नीरज बिंद, केंद्रीय उपमहासचिव इं. दीपक गुप्ता, पूर्वांचल उपाध्यक्ष इं. राम सिंह, सचिव इं. शिवम चौधरी, संरक्षक इं. अवधेश मिश्र, इं. आई.पी. सिंह, इं. पुष्कर उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में अवर अभियंता एवं प्रोन्नत अभियंता मौजूद रहे।

