वाराणसी : सराफा कारोबारी को नकली नोट थमाकर ले गए 285 ग्राम सोन के आभूषण, 45 लाख की ठगी
वाराणसी। चौक थाना के ठठेरी बाजार में जालसाजों ने सराफा कारोबारी के साथ 45 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया। कारोबारी को नकली नोटों की गड्डी थमाकर 285 ग्राम सोने के आभूषण लेकर फरार हो गए। व्यापारी ने पुलिस को तहरीर देकर घटना से अवगत कराया और उचित कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने घटना की छानबीन शुरू कर दी है।
चौक थाना क्षेत्र के ठठेरी बाजार स्थित एनडी सर्राफ ज्वेलर्स होलसेल के निदेशक राधा कृष्ण अग्रवाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वे ऑनलाइन माध्यम से भी आभूषणों का कारोबार करते हैं। 13 अप्रैल को उनके पास पुणे के एक कथित व्यापारी का संपर्क आया। खुद को रोहित, रोहन और मनोज जैन बताने वाले इन लोगों ने ‘श्रीशिल्पी गोल्ड स्ट्रीट’ नामक फर्म के जरिए उनके मैनेजर शिवा रस्तोगी से संपर्क किया।
जालसाजों ने बातचीत के दौरान 285 ग्राम सोने के आभूषण खरीदने का सौदा करीब 45 लाख रुपये में तय किया। शुरुआत में उन्होंने ऑनलाइन भुगतान की बात कही, लेकिन बाद में तकनीकी दिक्कत का बहाना बनाकर नकद लेनदेन का प्रस्ताव रखा। उन्होंने बताया कि उनके प्रतिनिधि वाराणसी में मौजूद हैं, जो नकद भुगतान कर आभूषण प्राप्त कर लेंगे।
योजना के अनुसार, लक्सा स्थित पीडीआर मॉल के पास कारोबारी के कर्मचारी सूर्य प्रकाश मौर्य और आयुष कुमार आभूषण लेकर पहुंचे। वहां पहले से मौजूद युवकों ने अपनी पहचान के लिए एक सफारी सूटकेस दिखाया और फोन पर बातचीत कर भरोसा दिलाया। सूटकेस में 500-500 रुपये के नोटों की 90 गड्डियां सलीके से रखी हुई थीं, जो ऊपर से सीलबंद दिख रही थीं। कर्मचारियों ने बिना पूरी जांच-पड़ताल किए सूटकेस स्वीकार कर लिया और बदले में सोने के आभूषण उन्हें सौंप दिए।
इसके बाद सूटकेस को दुकान के कैश काउंटर पर कर्मचारी राज अग्रवाल के पास सुरक्षित रख दिया गया। अगले दिन मंगलवार को यह सूटकेस एक अन्य व्यापारी रोहन को भुगतान के रूप में दिया गया। जब उसने गड्डियां खोलकर जांच की, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। हर गड्डी में ऊपर और नीचे असली नोट थे, जबकि बीच के सभी नोट नकली निकले।
इस तरह जालसाज बेहद शातिर तरीके से असली सोना लेकर नकली नोट थमा गए और मौके से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने लक्सा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। थाना प्रभारी राजू कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

