सौर ऊर्जा से रोशन हो रहा वाराणसी, प्रदेश में दूसरा स्थान

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  • 30 हजार से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित, हर साल ₹116.8 करोड़ की बचत
  • पीएम सूर्य घर योजना, ऊर्जा, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण को दे रहा नया आयाम 
  • डबल इंजन सरकार की सब्सिडी ने सौर ऊर्जा की रोशनी बढ़ाई, लाभार्थियों को मिल चुकी ₹324 करोड़ की सब्सिडी
  • वाराणसी में हर वर्ष लगभग 1,33,750 मीट्रिक टन कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन में आ रही कमी
  • 10 से बढ़कर वेंडरों की संख्या हुई 248, वाराणसी में  प्रत्यक्ष रोजगार के 11000 से अधिक अवसर हुए सृजित

वाराणसी। हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में वाराणसी ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पीएम सूर्य घर योजना में सौर ऊर्जा से रोशनी फैलाने में वाराणसी प्रदेश में दूसरे स्थान पर बना हुआ है। यहाँ सोलर संयंत्र प्रतिदिन लगभग 5.35 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन कर रहा है, जिससे वार्षिक स्तर पर कुल  ₹116.8 करोड़ की बचत हो रही है। पीएम सूर्य घर योजना, ऊर्जा, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण को नया आयाम दे रही है। इस योजना में डबल इंजन सरकार की सब्सिडी ने सौर ऊर्जा की रोशनी बढ़ा दी है।

30 हज़ार से अधिक सोलर संयंत्र स्थापित, प्रतिदिन 5.35 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन, 32 लाख की बचत
मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने बताया कि शहर में अब तक 30,000 से अधिक ऑनलाइन ग्रिड रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जो प्रतिदिन लगभग 5.35 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन कर रहे हैं। इन सोलर संयंत्रों के माध्यम से प्रतिदिन करीब ₹32 लाख की बचत हो रही है, जिससे वार्षिक स्तर पर कुल बचत ₹116.8 करोड़ तक पहुँच गई है। वर्तमान में वाराणसी की छतों पर स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्रों की कुल क्षमता 107 मेगावाट से अधिक हो चुकी है, जो शहर की ऊर्जा जरूरतों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

केंद्र और राज्य सरकार का सब्सिडी के रूप में सहयोग
यूपीनेडा के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी शशि गुप्ता ने बताया कि इस योजना को सफल बनाने में डबल इंजन की सरकार अहम भूमिका निभा  रही है। अब तक केंद्र सरकार द्वारा ₹234 करोड़ और राज्य सरकार द्वारा ₹90 करोड़ की सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के खातों में प्रदान की जा चुकी है। इससे आम नागरिकों में सोलर संयंत्र लगाने के प्रति उत्साह बढ़ा है।

पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान
रूफटॉप सौर संयंत्रों के कारण वाराणसी में हर वर्ष लगभग 1,33,750 मीट्रिक टन कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आ रही है। यह न केवल शहर को स्वच्छ और हरित बना रहा है, बल्कि जलवायु परिवर्तन से लड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

रोजगार सृजन में भी सौर ऊर्जा की बड़ी भूमिका
रूफटॉप सोलर योजना की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि जहां पहले वाराणसी में केवल 10 वेंडर थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 248 हो गई है। इसके चलते जिले में 11,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं, जबकि लाखों लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है।

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