वाराणसी: आठ वर्षों में ऐतिहासिक विकास, बदलती काशी की नई तस्वीर, विधायक नीलकंठ तिवारी ने गिनाई खूबियां

अपराध पर नियंत्रण, माफिया राज का अंत
योगी सरकार ने अपराध और माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। अपराध पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के चलते अब प्रदेश में कोई अपराधी अपराध करने की हिम्मत भी नहीं जुटा सकता। विकास कार्यों के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था को भी चुस्त-दुरुस्त किया गया है, जिससे प्रदेश में सुरक्षित माहौल बना है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर में बड़ी छलांग
उत्तर प्रदेश आज देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन चुका है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं से प्रदेश की कनेक्टिविटी को नया आयाम मिला है। इन आठ वर्षों में भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी अंकुश लगाया गया है, जिससे बिना किसी नए कर लगाए सरकारी खजाना भरा हुआ है।
वैश्विक निवेश केंद्र बना उत्तर प्रदेश
आज उत्तर प्रदेश देश-विदेश के उद्योगपतियों के लिए निवेश का पसंदीदा स्थान बन चुका है। सरकार की नीतियों और बुनियादी ढांचे में सुधार के कारण उद्योगपतियों की दिलचस्पी प्रदेश में बढ़ी है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ है, जिसमें हजारों करोड़ का निवेश हुआ।
कोरोना प्रबंधन में मिसाल बनी योगी सरकार
कोरोना महामारी के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना की गई। यूपी सरकार ने संकट के समय न केवल मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया, बल्कि गरीबों और प्रवासियों के लिए खाद्यान्न वितरण, मुफ्त वैक्सीन और चिकित्सा सुविधाओं की भी प्रभावी व्यवस्था की।
दक्षिणी में गंगा घाटों के लिए खर्च हुए 100 करोड़
वाराणसी का दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र ऐतिहासिक और धार्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। काशी विश्वनाथ धाम के पुनरुद्धार से लेकर, पंचगंगा घाट, काल भैरव, महामृत्युंजय, संकठा देवी, दुर्गाकुंड जैसे मंदिरों का सुंदरीकरण किया गया। गंगा घाटों को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए 100 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
व्यापारिक और औद्योगिक विकास को मिली रफ़्तार
वाराणसी के दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र को पूर्वांचल का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र माना जाता है। यहां की दवा मंडी, किराना मंडी, सर्राफा बाजार और विश्व प्रसिद्ध बनारसी साड़ियों का उद्योग आज नई ऊंचाइयों पर पहुंच चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘वोकल फॉर लोकल’ नीति से कारीगरों और व्यापारियों को सीधा लाभ हुआ है।
शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में क्रांति, स्कूल से लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था का हुआ कायाकल्प
शिक्षा के क्षेत्र में वाराणसी के स्कूलों का कायाकल्प हुआ है। आधुनिक सुविधाओं से लैस स्मार्ट स्कूल विकसित किए गए हैं। मछोदरी विद्यालय आज देश के सबसे सुंदर परिषदीय विद्यालयों में गिना जाता है। इसके अलावा, मंडलीय चिकित्सालय, जिला महिला अस्पताल, दुर्गाकुंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैसे संस्थानों का उच्चीकरण किया गया है।
यातायात और आधारभूत संरचना में हुए बड़े बदलाव
काशी की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू की गई हैं। कज्जाकपुरा फ्लाईओवर, कोनिया पुल, बेनिया अंडरग्राउंड पार्किंग जैसी सुविधाओं के चलते अब शहर में यातायात का दबाव कम हुआ है। 5000 प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनवाए गए हैं और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत 741 करोड़ रुपये के विकास कार्य हुए हैं।
116 मंदिरों का हुआ पुनरुद्धार
काशी में आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पवन पथ योजना के तहत 116 मंदिरों का पुनरुद्धार किया गया है। मणिकर्णिका घाट और अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों के विकास के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में जबरदस्त वृद्धि हुई है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।