वाराणसी : कोडीन कफ सिरप तस्करी गिरोह पर कड़ा प्रहार, 9 आरोपियों पर लगा गैंगस्टर
वाराणसी। पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी में लिप्त एक संगठित गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त के निर्देश पर, पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के नेतृत्व में की गई।
थाना रोहनिया में दर्ज मुकदमा संख्या 0343/2025 (धारा 8, 21, 25, 29 एनडीपीएस एक्ट) में शामिल अभियुक्तों के खिलाफ अब उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 की धारा 3(1) के तहत भी केस दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह अंतरजनपदीय स्तर पर सक्रिय था और कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी और भंडारण के जरिए मोटा मुनाफा कमा रहा था।
इस गिरोह का सरगना भोला प्रसाद बताया गया है, जो अपने साथियों के साथ मिलकर लंबे समय से इस अवैध कारोबार को संचालित कर रहा था। गिरोह के अन्य सदस्यों में शुभम जायसवाल, आजाद जायसवाल, महेश कुमार सिंह, शिवाकांत उर्फ शिव, स्वप्निल केशरी, दिनेश कुमार यादव, आशीष यादव और सौरभ त्यागी शामिल हैं। ये सभी मिलकर विभिन्न जिलों में नेटवर्क बनाकर कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी करते थे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि 19 नवंबर 2025 को रोहनिया थाना क्षेत्र के भदवर स्थित एक गोदाम से भारी मात्रा में कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद किया गया था। इसमें 18,600 सीसी फेंसाडिल और 75,150 सीसी इस्कफ कफ सिरप शामिल था। इस मामले में विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में पहले ही दाखिल किया जा चुका है।
पुलिस के अनुसार, गिरोह का मुख्य उद्देश्य अवैध तरीके से धन अर्जित करना और उसे अपने भोग-विलास में खर्च करना था। यह गिरोह योजनाबद्ध तरीके से कफ सिरप की तस्करी कर समाज में नशे के कारोबार को बढ़ावा दे रहा था। पुलिस आयुक्त की स्वीकृति के बाद अब इस पूरे गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे संगठित अपराधों के खिलाफ आगे भी इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि समाज में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

