वाराणसी : चंद्रग्रहण के चलते होलिका दहन को लेकर असमंजस, कई इलाकों में आज रात जलेगी होलिका 

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वाराणसी। चंद्रग्रहण के चलते इस बार होलिका दहन को लेकर असमंजस की स्थिति है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में कई स्थानों पर सोमवार की रात होलिका दहन हुआ। वहीं कुछ इलाकों में मंगलवार की रात होलिका जलेगी। चंद्र ग्रहण के सूतक और भद्रा काल के चलते तिथि और मुहूर्त को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बनी रही।

इस वर्ष फाल्गुन पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण के प्रभाव को देखते हुए कुछ ज्योतिषाचार्यों ने ग्रहण से पूर्व होलिका दहन करने की सलाह दी, जबकि अन्य ने ग्रहण के प्रभाव समाप्त होने के बाद शुद्ध मुहूर्त में होलिका दहन को उचित बताया। इसी कारण काशी में दो अलग-अलग दिन होलिका दहन की परंपरा निभाई जा रही है।

प्रमुख घाटों और मोहल्लों में बीती रात पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ होलिका दहन किया गया। लोगों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिक्रमा की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं कई स्थानों पर आज रात्रि में होलिका सजाई गई है, जहां श्रद्धालु शुभ मुहूर्त की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

काशी की परंपरा के अनुसार होलिका दहन के अगले दिन रंगों की होली खेली जाती है। ऐसे में जिन स्थानों पर बीती रात होलिका जली, वहां आज रंगोत्सव मनाया जाएगा, जबकि जहां आज होलिका दहन होगा, वहां कल रंगों की होली खेली जाएगी। इस कारण शहर में दो दिन तक होली का उल्लास देखने को मिलेगा।

काशी में पर्व-त्योहारों का विशेष महत्व है। लोगों का मानना है कि शास्त्र सम्मत विधि से होलिका दहन और होली खेलने से घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि आती है। हालांकि ग्रहण के कारण तिथि को लेकर बना संशय अभी भी कुछ लोगों के मन में है, लेकिन उत्साह में कोई कमी नहीं है।

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