वाराणसी : आयुष्मान कार्ड योजना की धीमी प्रगति पर डीएम सख्त, तीन प्रभारी चिकित्साधिकारियों को नोटिस, कर्मियों व एमओआइसी का वेतन रोका 

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वाराणसी। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। इसमें जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने स्वास्थ्य योजनाओं के साथ ही प्रधानमंत्री आयुष्मान कार्ड के प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान आयुष्मान कार्ड बनाए जाने की प्रगति संतोषजनक न मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई। विशेष रूप से बड़ागांव, पिंडरा और हरहुआ स्वास्थ्य केंद्रों की खराब प्रगति पर संबंधित प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही आयुष्मान सेल में कार्यरत कर्मियों का मानदेय तथा बड़ागांव के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी का वेतन रोकने की कार्रवाई की। 

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जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जब तक जनपद के सभी पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड नहीं बन जाते, तब तक आयुष्मान सेल के कर्मचारियों का मानदेय नहीं दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कार्य में तेजी लाकर जल्द से जल्द लक्ष्य पूर्ण किया जाए। बैठक में गर्मी के मद्देनजर हीट वेव से बचाव को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी अस्पतालों में आवश्यक तैयारियां पूरी रखने, वार्डों में कूलर और एसी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) की क्षमता के अनुरूप शत-प्रतिशत बच्चों को भर्ती करने के निर्देश दिए। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों से बच्चों को रेफर करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने को कहा।

बैठक में यह भी बताया गया कि उत्तर प्रदेश हेल्थ डैशबोर्ड पर वाराणसी का स्थान दूसरे नंबर पर है। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि स्वास्थ्य संकेतकों में निरंतर सुधार बनाए रखा जाए, ताकि जनपद की रैंकिंग और बेहतर हो सके। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश प्रसाद ने सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी दी। साथ ही टीबी नोटिफिकेशन दर बढ़ाने और गर्भवती महिलाओं की चार प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा आरबीएसके कार्यक्रम के तहत चिन्हित बच्चों और सबल काशी पोर्टल पर पंजीकृत बच्चों के शीघ्र उपचार पर भी जोर दिया गया। बैठक में सीडीओ समेत स्वास्थ्य विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक और संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।

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