वाराणसी : गौशालाओं में लापरवाही पर डीएम सख्त, सचिव के निलंबन और ग्राम प्रधान के अधिकार सीज करने के दिए निर्देश
वाराणसी। जनपद में संचालित निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को लेकर जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक की। बैठक में गौशालाओं में हरा चारा, भूसा, पशु आहार, स्वच्छ पेयजल, शेड और बीमार गोवंशों के उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के आदेश भी जारी किए गए।
डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक गौ आश्रय स्थल पर गोवंशों के लिए पर्याप्त मात्रा में हरा चारा, भूसा और पशु आहार उपलब्ध रहे। वर्तमान मौसम को देखते हुए गोवंशों को गर्मी और बारिश से बचाने के लिए शेड, स्वच्छ पेयजल तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी नोडल अधिकारी, खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) और पशु चिकित्सक नियमित रूप से गौशालाओं का निरीक्षण करें तथा किसी भी प्रकार की कमी मिलने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैठक के दौरान बृहद गौ-संरक्षण केंद्र, भिटकुरी (सेवापुरी) के संचालन में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित करने तथा ग्राम प्रधान के प्रशासनिक अधिकार सीज करने के लिए खंड विकास अधिकारी सेवापुरी और जिला पंचायत राज अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा ग्राम सत्तनपुर में निर्माणाधीन बृहद गोवंश आश्रय स्थल में घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग और मानकों की अनदेखी पर भी जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को परियोजना प्रबंधक के निलंबन की कार्रवाई करने के साथ संबंधित ठेकेदार और प्रोजेक्ट मैनेजर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि निराश्रित गोवंशों के संरक्षण की मुख्यमंत्री एवं शासन स्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है। ऐसे में इस कार्य में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

