टीबी मुक्त भारत अभियान में टॉप पर पहुंचा वाराणसी मंडल, 100 दिवसीय अभियान में प्रथम स्थान
वाराणसी। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 24 मार्च से 5 जुलाई 2026 तक चलाए गए 100 दिवसीय विशेष अभियान में वाराणसी मंडल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। अभियान के दौरान हाई-रिस्क आबादी की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग, समयबद्ध जांच, गुणवत्तापूर्ण उपचार और जनसहभागिता के प्रभावी क्रियान्वयन के आधार पर यह उपलब्धि हासिल हुई। मंडल के साथ आगरा और सहारनपुर मंडल को भी संयुक्त रूप से प्रथम स्थान से सम्मानित किया गया।
अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. एन. डी. शर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान वाराणसी मंडल के सभी हाई-रिस्क गांवों का शत-प्रतिशत आच्छादन सुनिश्चित किया गया। संभावित टीबी मरीजों की पहचान के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए, जहां जांच के बाद मरीजों को समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराया गया।
उन्होंने बताया कि अभियान में वाराणसी, चंदौली, जौनपुर और गाजीपुर जनपदों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस दौरान एक्स-रे जांच, नॉट मशीन के माध्यम से माइक्रोबायोलॉजी परीक्षण, डिफरेंशिएटेड टीबी केयर, मरीजों के परिजनों की संपर्क जांच तथा टीबी रोगियों को पोषण पोटली वितरण जैसी सभी प्रमुख गतिविधियों का प्रभावी ढंग से संचालन किया गया। स्वास्थ्य विभाग की समन्वित कार्यशैली और जमीनी स्तर पर बेहतर निगरानी के कारण अभियान को उल्लेखनीय सफलता मिली।
डॉ. शर्मा ने इस उपलब्धि का श्रेय मंडल के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों, स्वास्थ्यकर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं तथा सहयोगी संस्थाओं के सामूहिक प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता और समन्वय के साथ कार्य करता रहेगा, ताकि प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को जल्द से जल्द प्राप्त किया जा सके। उन्होंने आमजन से भी टीबी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराने और उपचार पूरा करने की अपील की।

