वाराणसी : 300 साल पुराने रामकुंड अखाड़े में विवाद, वट सावित्री पूजा के दौरान कब्जे के प्रयास का आरोप, पुलिसकर्मियों से भी धक्कामुक्की
वाराणसी। लक्सा थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक रामकुंड अखाड़े में शुक्रवार को उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई जब अखाड़ा समिति ने कुछ लोगों पर जबरन कब्जे का प्रयास करने का आरोप लगाया। अखाड़ा समिति के महामंत्री विजय कुमार की ओर से थाना लक्सा में दी गई शिकायत के अनुसार, यह मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद कथित रूप से दबंगों द्वारा अखाड़े की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की गई। इस दौरान पुलिसकर्मियों से भी धक्कामुक्की की गई।

समिति की ओर से बताया गया कि रामकुंड अखाड़ा लगभग 300 वर्ष पुराना ऐतिहासिक स्थल है, जहां वर्षों से पहलवान व्यायाम और रियाज करते आ रहे हैं। शुक्रवार को वट सावित्री पूजा के अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक पूजा-अर्चना कर रही थीं। अखाड़ा समिति का दावा है कि यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है और विशेष रूप से आंध्र प्रदेश से आने वाली महिलाएं भी पिछले करीब डेढ़ सौ वर्षों से यहां पूजा करती रही हैं।
आरोप है कि सुबह करीब 10 बजे 20 से अधिक लोगों का समूह अखाड़े परिसर में पहुंचा और पूजा रोकने का प्रयास किया। शिकायत के मुताबिक, महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए पूजा सामग्री को भी नुकसान पहुंचाया गया। घटना के बाद अखाड़ा समिति की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। आरोप है कि इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की और अभद्रता की।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अखाड़ा समिति का कहना है कि यह स्थल ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। नगर निगम द्वारा भी इस अखाड़े के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए पूर्व में कार्य कराया जा चुका है। फिलहाल मामले को लेकर पुलिस जांच में जुटी है और दोनों पक्षों के दावों की पड़ताल की जा रही है।

