वाराणसी : 26 लाख की लालच में व्यापारी की गोली मारकर की थी हत्या, पुलिस ने घटना के मास्टरमाइंड समेत पांच को पकड़ा, मुठभेड़ में दो को लगी गोली 

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वाराणसी। रोहनिया थाना क्षेत्र के अवलेशपुर (अखरी) में किराना व्यवसायी जितेंद्र पटेल की हत्या का वाराणसी पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए साइबर अपराध के एक खतरनाक और हिंसक नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि यह हत्या केवल लूटपाट के लिए नहीं, बल्कि व्यापारी के बैंक खाते में मौजूद 26 लाख रुपये हड़पने की सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। पुलिस ने घटना के मास्टरमाइंड समेत पांच अपराधियों को पकड़ा। इनमें दो आरोपी मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने से घायल हैं।  

पुलिस के अनुसार, 45 वर्षीय जितेंद्र पटेल दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें रोककर गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल व्यापारी किसी तरह घर पहुंचे, जहां से परिजन उन्हें तत्काल बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले गए। हालांकि उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

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जांच में पता चला कि हाल ही में जितेंद्र पटेल के बैंक खाते में 26 लाख रुपये आए थे। साइबर अपराधियों को इस रकम की जानकारी मिल चुकी थी। आरोपियों की योजना हत्या के बाद उनका मोबाइल फोन कब्जे में लेकर बैंकिंग संबंधी जानकारी, ओटीपी और अन्य डिजिटल एक्सेस हासिल कर पूरी रकम खाते से निकालने की थी। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से उनकी यह साजिश सफल नहीं हो सकी।

ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और तकनीकी सर्विलांस का सहारा लिया। डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार, एडीसीपी वरुणा लिपि नागायच और एसीपी रोहनिया अवधेश विश्वकर्मा के निर्देशन में रोहनिया थाना प्रभारी राजू सिंह तथा एसओजी प्रभारी गौरव सिंह की टीम ने लगातार अभियान चलाकर आरोपियों तक पहुंच बनाई।

पुलिस मुठभेड़ के दौरान दो आरोपी गोलू पटेल और गियांशु पटेल को गिरफ्तार किया गया। मुठभेड़ में दोनों के पैर में गोली लगी। उनके कब्जे से अवैध हथियार, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद हुए। इसके अलावा गिरोह के कथित मास्टरमाइंड आयुष पटेल, मनीष सिंह और अमन सेठ को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी पहले भी साइबर ठगी के मामलों में सक्रिय रहे हैं। यह मामला इस बात का संकेत है कि साइबर अपराध अब केवल ऑनलाइन धोखाधड़ी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि आर्थिक लाभ के लिए हिंसक वारदातों का रूप भी ले रहा है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

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