संत नरहरिदास की जयंती को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने और अवकाश घोषित करने की मांग, वाराणसी सर्राफा व्यापार मंडल ने उठाई आवाज 

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वाराणसी। संत नरहरिदास जी महाराज की जयंती को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने और एक दिन का अवकाश घोषित किए जाने की मांग को लेकर स्वर्णकार समाज ने आवाज बुलंद की है। आगामी 1 फरवरी को संत नरहरिदास जी की 529वीं जयंती के अवसर पर देशभर में श्रद्धा और सम्मान के साथ आयोजन किए जाने की तैयारी है। इसी क्रम में वाराणसी सर्राफा व्यापार मंडल ने केंद्र और राज्य सरकार से जयंती को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने और एक दिन का अवकाश घोषित करने की मांग की है।

सर्राफा व्यापार मंडल के अध्यक्ष किशन सेठ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से यह मांग उठाते हुए कहा कि संत नरहरिदास जी महान संत, समाज सुधारक और गोस्वामी तुलसीदास के गुरु थे। स्वर्णकार समाज से संबंध रखने वाले इस संत का योगदान भारतीय संस्कृति और अध्यात्म में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है, जिसे उचित सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि संत नरहरिदास जी का जन्म महाराष्ट्र में हुआ था, लेकिन उनका प्रभाव पूरे देश में फैला हुआ है।

किशन सेठ ने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं एक संत हैं, इसलिए उन्हें संतों के सम्मान और उनके योगदान की गहराई से समझ है। स्वर्णकार समाज देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और ऐसे में समाज के आराध्य संत नरहरिदास जी की जयंती पर एक दिन का अवकाश घोषित किया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी मांग की कि केंद्र और राज्य सरकारों के सभी कार्यालयों में इस दिन जयंती कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि नई पीढ़ी संत नरहरिदास जी के विचारों और योगदान से परिचित हो सके। किशन सेठ ने कहा कि समाजवादी पार्टी को छोड़कर अब तक किसी अन्य राजनीतिक दल ने इस विषय पर गंभीरता नहीं दिखाई है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। 

वाराणसी सर्राफा व्यापार मंडल के महामंत्री मुकुंद सेठ ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि संत नरहरिदास जी का जीवन त्याग, भक्ति और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उनकी जयंती को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करना न केवल स्वर्णकार समाज, बल्कि समूचे देश के लिए गौरव की बात होगी।

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