वाराणसी :  24 घंटे पहले नोटिस, दूसरे दिन सुबह पहुंचा बुलडोजर, ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर मकान मालिक ने उठाए सवाल

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नगर निगम और पीडब्ल्यूडी का दावा- बिना स्वीकृत नक्शे के कराया गया था निर्माण

वाराणसी। अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के दौरान गुरुवार सुबह एक भवन पर बुलडोजर चलाए जाने को लेकर सवाल खड़ा हो गया। संबंधित भवन को कार्रवाई से करीब 24 घंटे पहले अवैध निर्माण के रूप में चिह्नित कर नोटिस जारी किए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद गुरुवार सुबह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई। मौके पर प्रशासन, नगर निगम और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारी मौजूद रहे।

कार्रवाई का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बुलडोजर से भवन के हिस्से को गिराया जाता दिखाई दे रहा है। कार्रवाई को लेकर मकान मालिक ने नोटिस और मिले समय को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि ध्वस्तीकरण से महज एक दिन पहले नोटिस दिया गया, जिससे उन्हें अपना पक्ष रखने और कानूनी प्रक्रिया अपनाने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला।

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मकान मालिक ने प्रक्रिया पर उठाए सवाल
मकान मालिक का कहना है कि ध्वस्तीकरण से पहले निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और पर्याप्त समय दिए जाने की जरूरत है। उन्होंने कार्रवाई के समय और नोटिस जारी करने की प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इतने कम समय में वह संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष प्रभावी ढंग से नहीं रख सके।

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पहले जर्जर घोषित होने की भी बात
मौके पर मौजूद इमरान कादरी उर्फ एलपी बाबा ने बताया कि संबंधित भवन को कुछ दिन पहले नगर निगम की ओर से जर्जर घोषित किया गया था। उनके अनुसार भवन की स्थिति को लेकर पहले से ही विभागीय स्तर पर कार्रवाई चल रही थी। उन्होंने जर्जर भवन घोषित किए जाने और अब अवैध निर्माण के आधार पर की जा रही कार्रवाई को अलग-अलग पहलुओं से देखने की बात कही।

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अधिकारियों का दावा- बिना नक्शे के हुआ निर्माण
वहीं नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि भवन में बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण कराया गया था। विभागीय जांच में निर्माण को नियमों के विपरीत पाए जाने के बाद नोटिस जारी कर कार्रवाई की गई। अधिकारियों के अनुसार उपलब्ध दस्तावेजों और मौके की स्थिति के आधार पर नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।

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फिलहाल मामले में एक ओर मकान मालिक नोटिस के बाद पर्याप्त समय नहीं दिए जाने का आरोप लगा रहा है, जबकि विभागीय अधिकारी बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण को कार्रवाई का आधार बता रहे हैं। अब नोटिस, भवन के मानचित्र और ध्वस्तीकरण से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर कार्रवाई की प्रक्रिया की स्थिति स्पष्ट होगी।

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