वाराणसी : सील तोड़कर तीसरी बार शुरू कर दिया होटल, VDA ने पिनाकी रिजॉर्ट को फिर किया सील, संचालकों पर एफआईआर व ध्वस्तीकरण के आदेश
वाराणसी। बिना स्वीकृत मानचित्र के संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने पिनाकी रिजॉर्ट/होटल पर तीसरी बार बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने सोमवार को परिसर को दोबारा सील करने के साथ संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई और अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का आदेश भी जारी कर दिया। वीडीए का कहना है कि संबंधित पक्ष द्वारा दो बार सरकारी सील तोड़कर दोबारा व्यावसायिक गतिविधियां शुरू करना गंभीर कानूनी उल्लंघन है।

प्राधिकरण के अनुसार आराजी संख्या-763, मौजा ऐढ़े, परगना शिवपुर स्थित लगभग 6000 वर्गमीटर भूमि पर अमरावती पांडेय, पदुम पांडेय, राजन पांडेय, हिमांशु पांडेय और रोहित सिंह द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के जी+1 भवन का निर्माण कर उसमें 16 कमरों वाला होटल, रिजॉर्ट, रेस्टोरेंट और लॉन संचालित किया जा रहा था। जांच में पूरा निर्माण अनाधिकृत पाया गया और इसे उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 के प्रावधानों का उल्लंघन माना गया।
वीडीए ने बताया कि नियमानुसार संबंधित पक्ष को पहले नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। इसके बाद 22 जून 2026 को पहली बार परिसर को सील कर स्थानीय पुलिस की अभिरक्षा में सौंप दिया गया था। हालांकि संचालकों ने सरकारी सील तोड़कर दोबारा होटल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर दीं।
इस पर प्राधिकरण ने 11 जुलाई 2026 को दूसरी बार कार्रवाई करते हुए परिसर को पुनः सील किया। लेकिन दूसरी बार भी सील तोड़कर होटल, रिजॉर्ट, रेस्टोरेंट और लॉन का संचालन शुरू कर दिया गया। इसे सरकारी आदेश की अवहेलना और शासकीय कार्य में बाधा मानते हुए प्राधिकरण ने मामले को गंभीरता से लिया।
सोमवार को जोन-1 के जोनल अधिकारी जे.पी. गुप्ता के नेतृत्व में प्रवर्तन टीम ने तीसरी बार परिसर को सील कर दिया। साथ ही संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए अनाधिकृत निर्माण को ध्वस्त करने के आदेश भी पारित कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त वीडीए के अपर सचिव डॉ. गुडाकेश शर्मा ने पुलिस उपायुक्त (वरुणा जोन) को पत्र भेजकर सरकारी सील तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृत मानचित्र के किसी भी प्रकार का निर्माण अथवा होटल, रिजॉर्ट, लॉन, रेस्टोरेंट या अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान का संचालन पूरी तरह अवैध है। ऐसे निर्माण न केवल नगर नियोजन मानकों का उल्लंघन करते हैं, बल्कि यातायात व्यवस्था, पार्किंग, ध्वनि प्रदूषण और अग्नि सुरक्षा जैसे गंभीर जोखिम भी उत्पन्न करते हैं।

