वाराणसी : वरुणा नदी में डूबे किशोर का तीसरे दिन मिला शव, मां की चीख-पुकार से गमगीन हुआ माहौल
रामघाट पर स्नान के दौरान गहरे पानी में समाया था 15 वर्षीय शिवम, एनडीआरएफ और गोताखोरों ने नेवादा रसूलपुर के पास से बरामद किया शव
वाराणसी। बड़ागांव थाना क्षेत्र के बलुआ गांव के सामने वरुणा नदी स्थित रामघाट पर स्नान करते समय डूबे 15 वर्षीय किशोर शिवम कुमार का शव सोमवार को तीसरे दिन बरामद हुआ। नेवादा रसूलपुर गांव के पास नदी में एनडीआरएफ की टीम और गोताखोरों ने काफी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला। किशोर की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। बेटे का शव देखकर मां बेबी देवी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बलुआ गांव निवासी लौटन राम उर्फ बुद्धू के दोनों बेटे शनिवार सुबह परिवार के अन्य सदस्यों के साथ पितृ विसर्जन के लिए वरुणा नदी स्थित रामघाट पहुंचे थे। पितृ विसर्जन के बाद परिवार के बड़े सदस्य ने बच्चों से घर चलने को कहा, लेकिन वे वहीं रुक गए। इसके बाद दोनों भाई नदी में स्नान करने के लिए उतर गए। इसी दौरान दोनों गहरे पानी में जाने से डूबने लगे। साथ में स्नान कर रहे अंकित नामक किशोर ने किसी तरह शिवम के 12 वर्षीय छोटे भाई डीएम को सुरक्षित बचा लिया, जबकि शिवम गहरे पानी में समा गया।

घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के लोग और ग्रामीण नदी किनारे पहुंच गए। सूचना पर बड़ागांव पुलिस भी मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के करीब आधा दर्जन तैराक युवकों ने कई घंटों तक नदी में किशोर की तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद थाना प्रभारी प्रवीण कुमार सिंह ने एनडीआरएफ को सूचना दी। मौके पर पहुंची एनडीआरएफ की टीम और गोताखोरों ने भी तलाश अभियान चलाया, लेकिन पहले और दूसरे दिन सफलता नहीं मिल सकी।
सोमवार को तीसरे दिन नेवादा रसूलपुर गांव के पास वरुणा नदी में दोबारा तलाश अभियान शुरू किया गया। काफी प्रयास के बाद शिवम का शव बरामद हुआ। एनडीआरएफ के संजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि टीम ने लगातार प्रयास करते हुए तीसरे दिन किशोर के शव को नदी से बाहर निकाला। ग्रामीणों के अनुसार, शिवम अपने ननिहाल में रहता था। करीब तीन-चार दिन पहले उसकी मां बेबी देवी की तबीयत खराब होने के कारण वह घर आया था। किसी को अंदाजा नहीं था कि परिवार के साथ घर लौटा किशोर कुछ ही दिनों में इस तरह दुनिया छोड़ जाएगा। बेटे की मौत से मां का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है और गांव के लोग भी शोक में डूबे हैं।
घाट पर सुरक्षा इंतजामों की उठी मांग
स्थानीय ग्रामीण बिंदु देवी ने बताया कि वरुणा नदी के इस घाट पर पहले भी डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बावजूद स्नान के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से हादसों का खतरा बना रहता है। किशोर की मौत के बाद ग्रामीणों ने घाट पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत जताई, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।

