वाराणसी : अपनी नाकामी छिपाने के लिए भाजपा वाले सीवर में डलवा रहे बोरियां, अजय राय ने लगाए गंभीर आरोप

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वाराणसी। शहर की सीवर लाइनों में बोरी और निर्माण सामग्री मिलने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने इस मामले को लेकर भाजपा और नगर निगम पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर नगर निगम को यह कैसे पता चला कि सीवर में बोरी किसने डाली है। उन्होंने पूरे मामले की जांच सीसीटीवी और आधुनिक तकनीक के माध्यम से कराने की मांग की।


अजय राय ने आरोप लगाया कि शहर में सीवर व्यवस्था की बदहाली और जलभराव की समस्या से लोगों का ध्यान हटाने के लिए भाजपा की ओर से नया विवाद खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि “बनारस में अपनी नाकामी को छिपाने के लिए सीवर में भाजपा बोरी डलवा रही है।” कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यदि सीवर में बोरी डाली गई है तो इसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

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सीसीटीवी और स्पेशल टेक्नोलॉजी से जांच की मांग
कांग्रेस नेता ने कहा कि नगर निगम और प्रशासन को केवल आरोप लगाने के बजाय वैज्ञानिक तरीके से पूरे मामले की जांच करानी चाहिए। उन्होंने सीवर लाइन और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने की मांग की। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि संबंधित सीवर में बोरी कब और किसने डाली।


अजय राय ने मेयर और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि शहर में जलनिकासी और सीवर की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। इसके स्थायी समाधान की दिशा में ठोस काम होना चाहिए, न कि जिम्मेदारी से बचने के लिए एक-दूसरे पर आरोप लगाए जाएं।

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रोपवे की शुरुआत पर भी सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने वाराणसी में प्रस्तावित रोपवे परियोजना की शुरुआत को लेकर भी भाजपा सरकार से सवाल किया। उन्होंने पूछा कि वाराणसी में रोपवे की शुरुआत आखिर कब होगी? उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि परियोजना तैयार है तो पहले भाजपा के मंत्री और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि स्वयं रोपवे पर सवारी कर ट्रायल कर लें। इसके बाद आम जनता के लिए इसे शुरू किया जाए। अजय राय ने कहा कि वाराणसी की जनता को राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि सीवर, जलभराव और यातायात जैसी समस्याओं से वास्तविक राहत चाहिए।

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