वाराणसी : पेंशन अपडेशन को लेकर बैंक पेंशनरों में आक्रोश, सेंट्रल बैंक के बाहर दिया धरना

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वाराणसी। पेंशन अपडेशन सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने शुक्रवार को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यालय के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। लंका थाना क्षेत्र स्थित कार्यालय पर ऑल इंडिया बैंक रिटायरिज फेडरेशन (AIBRF) की वाराणसी जिला इकाई के बैनर तले आयोजित इस एकदिवसीय धरने में बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त बैंक कर्मियों ने भाग लिया और सरकार व बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।

पेंशनरों की प्रमुख मांग पेंशन अपडेशन रही। इसके साथ ही पांच सूत्रीय मांगों में वर्ष 2012 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों को विशेष भत्ते के आधार पर सेवानिवृत्ति लाभ प्रदान करने, आईबीए की समूह चिकित्सा बीमा योजना पर शून्य प्रतिशत जीएसटी लागू करने, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए आईबीए स्तर पर प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र विकसित करने तथा अनुग्रह राशि की लंबित वार्षिक समीक्षा को शीघ्र लागू करने जैसी मांगें शामिल रहीं।

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धरना को संबोधित करते हुए AIBRF वाराणसी इकाई के सचिव राधेश्याम मिश्र ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की पेंशन योजना पूरी तरह कर्मचारियों के अंशदान से संचालित है। उन्होंने बताया कि इस पेंशन फंड में वर्तमान में लगभग 3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा है। हर वर्ष ब्याज से पेंशन भुगतान के बाद भी फंड में लगातार अधिशेष बढ़ रहा है, इसके बावजूद पिछले तीन दशकों से पेंशन अपडेशन नहीं किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि पेंशन अपडेशन रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के फार्मूले के अनुरूप होना चाहिए। रिजर्व बैंक के पेंशनरों को वर्ष 2019 और 2024 में दो बार पेंशन अपडेशन का लाभ मिल चुका है, जबकि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पेंशनरों को पिछले 30 वर्षों से इस अधिकार से वंचित रखा गया है। यह समान कार्य के लिए समान लाभ के सिद्धांत के खिलाफ है।

धरने में शामिल वरिष्ठ पेंशनरों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि आंदोलन में कई ऐसे सदस्य शामिल हैं जिनकी उम्र 80 से 85 वर्ष के बीच है। कड़ाके की ठंड के बावजूद वे अपने हक की मांग को लेकर सड़क पर बैठे हैं। उनका कहना था कि जीवनभर बैंक की सेवा करने के बाद भी आज उन्हें सम्मानजनक पेंशन के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

AIBRF नेताओं ने बताया कि यह आंदोलन राष्ट्रव्यापी अभियान के दूसरे चरण का हिस्सा है, जो संसद के आगामी बजट सत्र तक निरंतर जारी रहेगा। संगठन से देशभर के सार्वजनिक बैंकों के तीन लाख से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारी जुड़े हुए हैं। धरना-प्रदर्शन में वासुदेव ओबेराय, विजय कुमार, राजेन्द्र सिंह, जे.एन. सिंह, कमलेश्वर त्रिपाठी, एन.के. श्रीवास्तव, अनिल पाण्डेय, द्विवेदी, आर.के. गौड़, पूर्णेन्दु पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त बैंक कर्मी उपस्थित रहे।

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