वाराणसी : गांधी जयंती से पहले गंगा घाटों पर चला स्वच्छता अभियान, स्वयंसेवकों संग जवानों ने संभाली सफाई की कमान

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वाराणसी। महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने के लिए हर नागरिक को स्वच्छता अभियान से जुड़ना होगा। स्वच्छता से ही स्वस्थ और समृद्ध समाज का निर्माण संभव है। गंदगी बीमारियों को बढ़ावा देती है, जबकि स्वच्छ वातावरण बेहतर स्वास्थ्य की आधारशिला है। गांधी जयंती से पूर्व गुरुवार को गंगातट पर चलाए गए जनजागरुकता अभियान के दौरान लोगों को यह संदेश दिया गया।

राजघाट से नमो घाट तक चला अभियान
137 सीईटीएफ 39 जीआर गंगा टास्क फोर्स, नमामि गंगे गंगा विचार मंच, जिला गंगा समिति चंदौली और वाराणसी नगर निगम के संयुक्त तत्वावधान में राजघाट से नमो घाट तक वृहद सफाई अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य गंगा घाटों की स्वच्छता के साथ ही श्रद्धालुओं और आम लोगों को गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए जागरूक करना रहा।

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बाढ़ के बाद गंगा का जलस्तर घटने पर घाटों के किनारे बड़ी मात्रा में कूड़ा-कचरा और अन्य गंदगी जमा हो गई है। सेना के जवानों ने सफाईकर्मियों के साथ मिलकर घाटों पर बिखरी गंदगी को एकत्र किया और लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया। अभियान के दौरान कहा गया कि गंगा के घाट सभी के हैं, इसलिए उनकी स्वच्छता की जिम्मेदारी भी प्रत्येक नागरिक की है।

पूजन सामग्री गंगा में न प्रवाहित करने की अपील
गंगातट पर तर्पण और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं से पूजन के दौरान स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई। लोगों से कहा गया कि ‘स्वच्छता ही सेवा है और गंगा की सफाई ही पूजा है।’ पॉलीथिन, कपड़े, प्लास्टिक की बोतलें, फोटो फ्रेम, रासायनिक पेंट से बनी मूर्तियां और पूजन सामग्री गंगा में प्रवाहित न करें। धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए गंगा की निर्मलता और घाटों की स्वच्छता का भी ध्यान रखें।

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अभियान में गंगा टास्क फोर्स के सूबेदार धनेश यादव, जगदीश चंद्र, जिला परियोजना अधिकारी दर्शन निषाद, जिला संयोजक शिवम अग्रहरि, सहसंयोजक रामप्रकाश जायसवाल, चारुशिला सिन्हा, रेनू आचार्य, भीम सिंह, सुरेंद्र और टीपू सुल्तान समेत बड़ी संख्या में सेना के जवान, सफाईकर्मी और अन्य लोग शामिल रहे।

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