वाराणसी : खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच के नाम पर छोटे व्यापारियों को परेशान करने का आरोप, सपा व्यापार सभा ने सौंपा ज्ञापन
वाराणसी। दीपावली से पहले खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच और सैंपलिंग के नाम पर छोटे व्यापारियों को परेशान किए जाने का आरोप लगाते हुए समाजवादी व्यापार सभा ने सोमवार को विरोध जताया। संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के प्रतिनिधि एसीएम प्रथम अवधेश चौहान के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपकर छोटे एवं फुटकर दुकानदारों का कथित उत्पीड़न तत्काल बंद कराने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान किया गया तो प्रदेशभर में जिला मुख्यालयों पर आंदोलन किया जाएगा।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सहमति से प्रदेशव्यापी ज्ञापन कार्यक्रम के तहत यह पहल की गई। समाजवादी व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल के निर्देश पर वाराणसी में जिलाध्यक्ष आलोक प्रकाश गुप्ता और महानगर अध्यक्ष काशीनाथ गुप्ता के संयुक्त नेतृत्व में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपा।
इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकना और आम जनता को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सरकार एवं प्रशासन की जिम्मेदारी है। समाजवादी व्यापार सभा भी मिलावटखोरी के खिलाफ कठोर और नियमानुसार कार्रवाई का समर्थन करती है। लेकिन खाद्य सुरक्षा कानूनों की आड़ में ईमानदारी से कारोबार करने वाले छोटे व्यापारियों का आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच के नाम पर अनावश्यक दबाव बनाना उचित नहीं है।

जिलाध्यक्ष आलोक प्रकाश गुप्ता ने कहा कि दीपावली के दौरान हलवाई, मिठाई विक्रेता, परचून दुकानदार और छोटे फुटकर व्यापारी बड़ी संख्या में ग्राहकों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराते हैं। त्योहार के समय जांच के नाम पर उन्हें भयभीत करने और आर्थिक रूप से परेशान करने से उनकी आजीविका प्रभावित होती है।
पारदर्शी जांच और अवैध वसूली पर कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में राज्यपाल से मांग की गई कि प्रदेश के सभी जिलों में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। खाद्य पदार्थों की जांच और सैंपलिंग निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत पारदर्शिता के साथ हो। किसी भी व्यापारी को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। अवैध वसूली, धमकी और उत्पीड़न की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
संगठन ने कहा कि मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन ईमानदार छोटे व्यापारियों को भयमुक्त वातावरण में कारोबार करने का अवसर मिलना चाहिए। चेतावनी दी कि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर हल्ला बोल आंदोलन किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।
ज्ञापन सौंपने वालों में जिला महासचिव प्रदीप मोदनवाल, महानगर महासचिव सोहन लाल चौरसिया, राजकुमार यादव, संजीव जायसवाल, रवि मोहम्मद अफजल सिद्दीकी, चरन दास गुप्ता, एडवोकेट सुमित जायसवाल, गोपाल चौरसिया, धीरज कुमार गुप्ता, संतोष गुप्ता, अभिनव त्रिपाठी, किशन प्रजापति, विकास प्रजापति, मुकेश गुप्ता, चंद्रसेन प्रजापति, मोहम्मद इलियास, मनीष सेठ, विजय जायसवाल, हनुमान यादव, राम अवध यादव, अभिषेक राय, आशीष यादव और पंकज यादव सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल रहे।

