वाराणसी : दुर्गा मंदिर में भव्य श्रृंगार महोत्सव का शुभारंभ, पुष्पों से सजा मां का दिव्य दरबार, दर्शन को भक्तों की लगी कतार 

WhatsApp Channel Join Now

वाराणसी। काशी के प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर में गुरुवार से दो दिवसीय भव्य श्रृंगार महोत्सव का शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के बीच हुआ। इस अवसर पर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया, जबकि मां दुर्गा का अलौकिक श्रृंगार कोलकाता से मंगाए गए सुगंधित और रंग-बिरंगे फूलों से किया गया। स्वर्ण आभूषणों से अलंकृत मां भगवती को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। सुबह से ही माता के दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिर परिसर में लगी रहीं।

123

मंदिर के महंत चंचल दुबे ने बताया कि यह दो दिवसीय श्रृंगार महोत्सव वर्षों पुरानी परंपरा का हिस्सा है और प्रत्येक वर्ष विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के साथ आयोजित किया जाता है। पहले दिन मां का भव्य पुष्प श्रृंगार कर उन्हें स्वर्णाभूषणों से सजाया गया तथा छप्पन भोग अर्पित किया गया। उन्होंने बताया कि दूसरे दिन माता का विशेष श्रृंगार मोतियों की मालाओं से किया जाएगा, जो इस महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रहेगा।

123

श्रृंगार महोत्सव के दौरान पूरा मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि, देवी भजनों और जयकारों से भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। वाराणसी के अलावा पूर्वांचल के विभिन्न जिलों तथा अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचे। भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, संतान की उन्नति और जीवन में मंगल की कामना की।

123

महंत ने बताया कि महोत्सव के दूसरे दिन श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद स्वरूप हलवे का वितरण किया जाएगा। साथ ही मंदिर की ओर से सुहागिन महिलाओं को चूड़ियां भेंट की जाएंगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार इन चूड़ियों को धारण करने से अखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु तथा परिवार में सुख-शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसी कारण हर वर्ष बड़ी संख्या में महिलाएं इस अवसर पर मंदिर पहुंचती हैं।

123

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं के विशेष इंतजाम किए हैं। दर्शन के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गई हैं ताकि श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन हो सकें। स्वयंसेवकों और मंदिर कर्मियों की तैनाती भी की गई है, जिससे भीड़ का सुचारु संचालन किया जा सके।

दो दिवसीय श्रृंगार महोत्सव के पहले दिन मंदिर में आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। भव्य सजावट, दिव्य श्रृंगार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच दुर्गा मंदिर एक बार फिर काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का प्रमुख केंद्र बन गया है। श्रद्धालुओं का मानना है कि मां दुर्गा के इस विशेष स्वरूप के दर्शन से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

Share this story