वाराणसी : 9 साल में लगे 323 रोजगार मेले, 1700 से अधिक कंपनियों में 62 हजार से अधिक युवाओं को मिली नौकरी

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वाराणसी। पिछले नौ वर्षों में आयोजित रोजगार मेलों के माध्यम से 62 हजार से अधिक युवाओं का चयन किया गया है। इस अवधि में रोजगार मेलों की संख्या और उनमें भाग लेने वाली कंपनियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं।

पलायन से स्थानीय अवसरों तक का बदलाव
क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय के अधिकारियों के मुताबिक, पहले बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में अन्य शहरों की ओर जाते थे। हालांकि हाल के वर्षों में स्थानीय स्तर पर आयोजित रोजगार मेलों और कंपनियों की भागीदारी के कारण युवाओं को अपने ही जनपद में अवसर मिलने लगे हैं।

रोजगार मेलों की संख्या में बढ़ोतरी
कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2017 से मार्च 2026 के बीच कुल 323 रोजगार मेले आयोजित किए गए। शुरुआती वर्षों में जहां इनकी संख्या सीमित थी, वहीं बाद के वर्षों में इसमें तेजी से वृद्धि देखी गई।

वर्षवार आंकड़े बताते हैं कि 2017-18 में 21 मेले आयोजित हुए थे, जबकि बाद के वर्षों में यह संख्या बढ़ती हुई कई गुना तक पहुंच गई।

चयनित अभ्यर्थियों की संख्या
सेवायोजन कार्यालय के अनुसार, 2017 से मार्च 2026 तक कुल 62,172 अभ्यर्थियों का चयन रोजगार मेलों के माध्यम से हुआ। वर्ष 2023-24 में चयनित अभ्यर्थियों की संख्या 17,035 तक पहुंची, जो इस अवधि में सबसे अधिक रही। इसके बाद 2024-25 और 2025-26 में भी चयन की संख्या उच्च स्तर पर बनी रही।

कंपनियों की भागीदारी
रोजगार मेला प्रभारी दीप सिंह के अनुसार, पिछले नौ वर्षों में 1700 से अधिक नियोक्ताओं ने इन मेलों में भाग लिया। इनमें निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों—जैसे आईटी, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, बैंकिंग, सिक्योरिटी सर्विस, रियल एस्टेट और शिक्षा से जुड़ी संस्थाएं शामिल हैं।

विविध क्षेत्रों में अवसर
कार्यालय का कहना है कि रोजगार मेलों के माध्यम से अभ्यर्थियों को उनकी योग्यता के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में अवसर मिले हैं। चयनित उम्मीदवारों को अलग-अलग कंपनियों में विभिन्न स्तरों पर नियुक्तियां दी गई हैं।

डेटा और प्रवृत्तियों पर नजर
उपलब्ध आंकड़ों से संकेत मिलता है कि रोजगार मेलों के जरिए चयन की संख्या में समय के साथ उतार-चढ़ाव भी रहा है। उदाहरण के तौर पर, 2020-21 और 2021-22 के दौरान चयनित अभ्यर्थियों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही, जबकि इसके बाद के वर्षों में इसमें वृद्धि देखी गई।

स्थानीय रोजगार पर बढ़ता फोकस
क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय के मुताबिक, रोजगार मेलों की बढ़ती संख्या और कंपनियों की भागीदारी से यह संकेत मिलता है कि स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास हुए हैं। हालांकि, इन अवसरों की गुणवत्ता, स्थायित्व और दीर्घकालिक प्रभाव जैसे पहलुओं पर अलग से अध्ययन की आवश्यकता बनी हुई है।

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