वाराणसी : दक्षिणी विधानसभा के 18 इंटर कॉलेजों का 28 करोड़ से होगा कायाकल्प, विकसित होंगी बुनियादी सुविधाएं, सोलर सिस्टम से होंगे लैस
वाराणसी। दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के इंटर कॉलेजों में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और सुविधायुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी के अनुसार क्षेत्र के 18 सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में लगभग 28 करोड़ रुपये की लागत से बुनियादी सुविधाओं के विकास और मरम्मत कार्य कराए जाएंगे। इसके साथ ही जिन विद्यालयों में सोलर लाइट की व्यवस्था नहीं है, वहां विधायक निधि से 10 किलोवाट क्षमता के सोलर सिस्टम लगाए जाएंगे।
मंगलवार को सर्किट हाउस सभागार में आयोजित बैठक में डॉ. नीलकंठ तिवारी ने इंटर कॉलेजों के प्रबंधकों, प्राचार्यों और विभागीय अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में पहली बार एडेड विद्यालयों को कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) फंड के माध्यम से संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे विद्यालयों की आधारभूत कमियों को दूर किया जा सके।

बैठक में बताया गया कि दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के 18 इंटर कॉलेजों में कुल 2792.61 लाख रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य कराए जाएंगे। इनमें भवनों की मरम्मत, आधुनिक कक्षाओं का निर्माण, स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, सोलर पैनल, शौचालय निर्माण एवं मरम्मत, ओपन जिम, ड्रेनेज व्यवस्था और रंग-रोगन जैसे कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराना और विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करना है।
डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कार्यदायी संस्थाओं के अभियंताओं को निर्देश दिया कि सभी स्वीकृत कार्यों को युद्धस्तर पर अभियान चलाकर इसी वर्ष के अंत तक पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और प्रत्येक कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा होना चाहिए। पूर्व मंत्री ने सभी कॉलेजों के भवनों का रंग-रोगन एक समान कराने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि इससे विद्यालयों की एक अलग पहचान बनेगी और शैक्षणिक संस्थानों का स्वरूप अधिक आकर्षक दिखाई देगा। बैठक के दौरान आदर्श इंटर कॉलेज के प्रबंधन की मांग पर नए कक्षों के निर्माण का भी आश्वासन दिया गया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार सरकार की प्राथमिकता है और विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक, विभिन्न कॉलेजों के प्रबंधक, प्राचार्य तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

