शहनाई की सुरलहरियों में गूंजा वंदेमातरम्, शहीदों को किया नमन, मनोहारी प्रस्तुति पर झूमे श्रोता 

WhatsApp Channel Join Now

वाराणसी। राष्ट्रीय गीत ‘वंदेमातरम्’ की रचना तिथि एवं इसे राष्ट्रीय गीत का दर्जा मिलने की स्मृति में भारत माता मंदिर, सिगरा में शहनाई वादन का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। विगत 27 वर्षों से इस अवसर पर कार्यक्रम प्रस्तुत कर रहे पं. महेंद्र प्रसन्ना ने शहनाई की मधुर धुन पर ‘वंदेमातरम्’ की मनोहारी प्रस्तुति देकर वातावरण को देशभक्ति से सराबोर कर दिया। इसके बाद उन्होंने शहीदों को नमन करते हुए ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ की धुन भी शहनाई पर प्रस्तुत की।

123

पं. महेंद्र प्रसन्ना ने बताया कि राष्ट्रीय गीत ‘वंदेमातरम्’ की स्मृति और उसके प्रति जन-जन में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यह आयोजन लगातार किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस महत्वपूर्ण तिथि और गीत के ऐतिहासिक महत्व से परिचित हो सकें। उन्होंने बताया कि 1882 में पहली बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में इस गीत का गायन हुआ था।

123

कार्यक्रम के दौरान भारत माता के मानचित्र को आकर्षक ढंग से सजाया गया। अड़हुल, गुलाब और कमल के फूलों से सजे मानचित्र ने आयोजन की भव्यता बढ़ाई। पं. महेंद्र प्रसन्ना ने भारत माता की पूजा-अर्चना भी की। शहनाई पर उनके साथ दुर्गा प्रसन्ना, गुलाब चंद, गणेश प्रसाद, राजू, केदारनाथ मिश्रा (तबला), कन्हैया लाल (नाल), शनि बाबू (तबला) और मालचंद (सूर्य मंडल) ने संगत की।

इस अवसर पर अर्पण संस्था की अध्यक्षा इंदिरा वर्मा सहित गीता शर्मा, पूजा चौबे, सुनीता देवी, रोशनी वर्मा, सुरभि वर्मा, रुद्रीका वर्मा, कैलाश विश्वकर्मा, दिलीप शंकर, सुनील कुमार, तृप्ती, प्रीता, रामजी वर्मा, छब्बू बेनवंशी, नखड़ू बेनवंशी, रवि सिंह, अभय विशाल, अमित यादव, चंद्रभूषण, रघुवीर कसेरा (काली बाबू), राजीव वर्मा, राजू सिंह एवं भरत जी समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। कलाकारों को अर्पण संस्था की ओर से स्मृति चिह्न तथा साई ग्रीन परिवार की ओर से कैलाश विश्वकर्मा ने अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया।

Share this story