वाराणसी में उत्तर प्रदेश का पहला पुलिस संग्रहालय स्थापित 

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उत्तर प्रदेश पुलिस के गौरवशाली इतिहास, समय के साथ बदलते स्वरूप को आम जनता एक ही छत के नीचे देख सकेगी 

अतीत के असलहे, ऐतिहासिक दस्तावेज, पुलिस डोज़ियर, वर्दी के बदलते स्वरूप और आधुनिक हथियारों को भी प्रदर्शित किया गया है

जीरो टॉलरेंस नीति के बीच यह संग्रहालय, पुलिस की विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी को उससे परिचित कराने का एक महत्वपूर्ण प्रयास

 मुख्यमंत्री ने वाराणसी के पिछले दौरे मे देखा था पुलिस म्यूजियम

वाराणसी। योगी सरकार के निर्देश पर वाराणसी में प्रदेश का पहला पुलिस संग्रहालय स्थापित किया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस की गौरवशाली इतिहास,परंपराओं और समय के साथ बदलते स्वरूप को एक ही छत के नीचे देखने का अवसर अब आम जनता को भी मिलेगा। वाराणसी में प्रदेश का पहला पुलिस संग्रहालय जनता के लिए खोल दिया गया है। यह संग्रहालय न केवल पुलिस की ऐतिहासिक यात्रा को दर्शाता है, बल्कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की भूमिका और उसके साहसिक प्रयासों की झलक भी प्रस्तुत करता है। मुख्यमंत्री ने वाराणसी के अपने पिछले दौरे मे पुलिस संग्रहालय को देखा था।

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 पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट ,वाराणसी, मोहित अग्रवाल ने बताया कि पुलिस की वेशभूषा ,हथियार और कार्यशैली आदि से परिचित कराने के उद्देश्य से इस पुलिस संग्रहालय का निर्माण कराया गया है। उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अपनाई जा रही जीरो टॉलरेंस नीति के बीच यह संग्रहालय पुलिस की विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी को उससे परिचित कराने का एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। संग्रहालय में पुराने समय के असलहे, ऐतिहासिक दस्तावेज, अपराधियों के रिकॉर्ड वाली डोज़ियर तथा आधुनिक हथियारों को भी प्रदर्शित किया गया है। इसके अलावा संग्रहालय में पुलिस की वर्दी के बदलते स्वरूप को भी खास तरीके से प्रदर्शित किया गया है। अलग-अलग समय में इस्तेमाल की गई वर्दियां यह बताती हैं कि पुलिस बल ने किस तरह अपने स्वरूप और तकनीक को समय के अनुसार ढाला है। 

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अपर पुलिस उपायुक्त/सहायक पुलिस आयुक्त पुलिस लाइन डॉ ईशान सोनी ने बताया कि संग्रहालय में रखे गए कई हथियार ऐसे हैं जो वर्षों पहले अपराधियों को सबक सिखाने और उनको सही जगह पहुंचने में पुलिस द्वारा इस्तेमाल किए जाते थे। इन बंदूकों के साथ उनकी विस्तृत जानकारी भी लिखी गई है। संग्रहालय में नए आधुनिक तकनीक वाले भी असलहे प्रदर्शित किये गए हैं ताकि संग्रहालय में आने वाले लोग यह समझ सकें कि समय के साथ पुलिस की कार्यशैली और संसाधनों में किस तरह बदलाव आया है।

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अपर पुलिस उपायुक्त के अनुसार, संग्रहालय को और अधिक आधुनिक बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। जल्द ही यहां क्यूआर कोड भी लगाए जाएंगे। इन क्यूआर कोड को स्कैन करके लोग प्रदर्शित वस्तुओं और उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास से जुड़ी विस्तृत जानकारी अपने मोबाइल फोन पर प्राप्त कर सकेंगे।

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वाराणसी में स्थापित यह पुलिस संग्रहालय प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि यह स्थान इतिहास, सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस के योगदान को समझने का एक प्रेरणादायक केंद्र बनेगा, जहां आम नागरिक, छात्र और शोधकर्ता पुलिस के इतिहास को करीब से जान सकेंगे।

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वर्जन 
पुलिस संग्रहालय का उद्देश्य केवल पुरानी वस्तुओं को प्रदर्शित करना ही नहीं है, बल्कि समाज और पुलिस के बीच विश्वास को मजबूत करना भी है। यहां आने वाले लोग यह जान सकेंगे कि पुलिस ने अलग-अलग दौर में किस प्रकार चुनौतियों का सामना करते हुए कानून व्यवस्था कायम रखने का कार्य किया।

मोहित अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर, वाराणसी

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