एफएचआरएआई सम्मेलन में यूपी के टूरिज्म मॉडल की चर्चा, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने निवेशकों को दिया भरोसा
वाराणसी। फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफएचआरएआई) के 56वें वार्षिक अधिवेशन ‘अनंत काशी’ के दूसरे दिन शनिवार को उत्तर प्रदेश में पर्यटन और होटल उद्योग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। नदेसर स्थित होटल ताज गैंगेज में आयोजित सम्मेलन में देश-विदेश से पहुंचे करीब 1500 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश को लेकर देश-दुनिया की धारणा में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने इसका श्रेय केंद्र और प्रदेश सरकार के संयुक्त प्रयासों को दिया।

जयवीर सिंह ने कहा कि सरकार की नीतियों से प्रदेश में भयमुक्त और अनुकूल माहौल बना है, जिससे पर्यटक और निवेशक बड़ी संख्या में आकर्षित हो रहे हैं। पर्यटन नीति का लाभ गांवों में संचालित होम स्टे से लेकर बड़े होटल समूहों तक पहुंच रहा है। उन्होंने होटल और पर्यटन क्षेत्र के उद्यमियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रयासों से काशी का स्वरूप तेजी से बदला है। सारनाथ का यूनेस्को की चौथी साइट के रूप में शामिल होना प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि और पर्यटन के विस्तार का महत्वपूर्ण अवसर है। सरकार प्रदेश में 12 प्रकार के पर्यटन एवं धार्मिक सर्किट विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।

मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने देश में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। काशी और अयोध्या का दुनिया के प्रमुख पर्यटन शहरों में शामिल होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि होटल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन संबंधी दिशा-निर्देशों को सरल किया गया है। साथ ही वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने पर भी काम चल रहा है।

केंद्रीय पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार ने कहा कि पिछले एक दशक में देश के पर्यटन क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है। एयरपोर्ट की संख्या 74 से बढ़कर 170 हो गई है और बेहतर हाईवे कनेक्टिविटी ने पर्यटन को गति दी है। उन्होंने कहा कि पर्यटन का अर्थव्यवस्था में योगदान बढ़ाकर 30 से 35 प्रतिशत तक पहुंचाया जाए तो भारत के आर्थिक विकास को नई गति मिल सकती है।
सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव पर्यटन अमृत अभिजीत ने प्रदेश के पर्यटन पर प्रस्तुतीकरण दिया। एफएचआरएआई अध्यक्ष सुरेंद्र जायसवाल ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि आयोजन सचिव गरिश ओबेरॉय ने धन्यवाद ज्ञापित किया। ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रविता परिडा ने कहा कि राज्य जगन्नाथ धाम के साथ नए पर्यटन स्थलों को भी विकसित कर रहा है। थाईलैंड की राजदूत चवनार्ट थांगसुम्फत ने भारत-थाईलैंड के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पर्यटन सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। सम्मेलन में प्रतिनिधियों ने नमो घाट पर गंगा आरती का दर्शन किया। इसके बाद क्रूज से गंगा की छटा निहारी और होटल हिल्टन में फैशन शो व शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम का आनंद लिया।

