वाराणसी में युवाओं का अनोखा संकल्प, खून से बनाई गई बाबा साहब की पेंटिंग, संविधान रक्षा का संदेश
वाराणसी। डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर वाराणसी के लच्छीपुरा नदेसर में युवाओं ने अनोखी पहल करते हुए अपने खून से बाबा साहब की पेंटिंग बनवाई। इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं ने उनके विचारों और संविधान की रक्षा के लिए समर्पण का संदेश दिया।

खून से बनी पेंटिंग बनी आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम में शामिल युवाओं ने अपने रक्त से बाबा साहब की पेंटिंग बनाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए बेहद भावुक और प्रेरणादायक रहा। युवाओं का कहना था कि यह केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि उनके विचारों के प्रति पूर्ण समर्पण का प्रतीक है।

संयोजक का संदेश: विचारधारा के लिए हर बलिदान को तैयार
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. राहुल राज एडवोकेट ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य देशवासियों को यह संदेश देना है कि बाबा साहब के मिशन और विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए युवा किसी भी प्रकार का बलिदान देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा के लिए भी वे हर संभव त्याग करने को तैयार हैं।

बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी
इस कार्यक्रम में कई अधिवक्ता और स्थानीय युवा शामिल हुए, जिन्होंने एकजुट होकर बाबा साहब के प्रति सम्मान व्यक्त किया। कार्यक्रम स्थल पर युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला और सभी ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाया।

विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने बाबा साहब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और सामाजिक न्याय के लिए कार्य करने का संकल्प लिया। आयोजकों का कहना है कि इस तरह के आयोजन समाज में जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

