दिशा की बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा, केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने गुणवत्ता और समयबद्धता से हर कार्य पूरा करने का दिया निर्देश
वाराणसी। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति “दिशा” की बैठक सोमवार को सर्किट हाउस सभागार में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरजदीप सिंह पुरी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, विद्युत, स्वच्छता और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं पर विशेष रूप से चर्चा हुई।

बैठक में केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और गति बनाए रखना बेहद जरूरी है। जहां कहीं भी योजनाओं के क्रियान्वयन में कमियां दिखाई दें, वहां तत्काल फोकस कर सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि योजनाओं के संचालन और प्रगति को लेकर संबंधित जनप्रतिनिधियों और विधायकों से लगातार संवाद बनाए रखें तथा अगले छह महीने की कार्ययोजना तैयार कर साझा करें।

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने जिले में चल रही विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने मनरेगा, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, श्यामा प्रसाद मुखर्जी रर्बन मिशन, ग्रामीण स्वरोजगार योजना, सांसद आदर्श ग्राम योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, परंपरागत कृषि विकास योजना और जल जीवन मिशन समेत कई योजनाओं की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने बताया कि शहर में पीएनजी कनेक्शन देने की गति में तेजी लाई गई है। पहले जहां प्रतिदिन करीब 100 कनेक्शन दिए जा रहे थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 400 प्रतिदिन हो चुकी है और जल्द ही इसे 1000 प्रतिदिन तक पहुंचाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि अगले दो महीनों में अधिकांश घरों तक पाइप लाइन से गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
बैठक के दौरान चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह ने वरुणा कॉरिडोर परियोजना की प्रगति, उस पर हुए लगभग 400 करोड़ रुपये के खर्च तथा अन्य संबंधित मुद्दों को उठाया। इस पर केंद्रीय मंत्री ने आरोपों की जांच कराने और अगली दिशा बैठक में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। सांसद ने कमिश्नरी कंपाउंड, कमच्छा स्थित थियोसॉफिकल सोसाइटी की जमीन तथा डीएलडब्ल्यू स्थित गोल्फ कोर्ट के पीपीपी मॉडल से जुड़े विषय भी उठाए, जिस पर जिलाधिकारी को विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया।
मछलीशहर सांसद प्रिया सरोज ने करखियाव स्थित अमूल फैक्ट्री और त्रिलोचन बाईपास के पास चिन्हित ब्लैक स्पॉट का मुद्दा उठाया। इस पर अध्यक्ष ने एनएचएआई अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं पिंडरा विधायक द्वारा जल जीवन मिशन ग्रामीण के तहत सड़कों की खुदाई, जलापूर्ति और सड़क रिस्टोरेशन की समस्याएं उठाई गईं, जिनके शीघ्र समाधान के निर्देश दिए गए।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत अब तक पूरे किए गए 62 कार्यों की जानकारी दी। लोहता क्षेत्र में सड़क निर्माण के बाद जलभराव और सीवर समस्या का मुद्दा भी बैठक में उठा, जिस पर जल निगम ने नई एसटीपी परियोजना की जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री ने इस परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि योजनाओं की सफलता तभी संभव है जब प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर समन्वय के साथ कार्य करें और जनता की समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करें।

