बीएचयू में दो दिवसीय पशु मेला, देश भर के पशुपालक पहुंचे, उन्नत नस्ल के पशुओं के बीच दुग्ध उत्पादन की प्रतिस्पर्धा
दो दिवसीय पशु मेले में गाय, भैंस, बकरी और घोड़े बने आकर्षण, सर्वाधिक दूध देने वाले पशुओं को मिलेगा पुरस्कार
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के डेयरी फार्म परिसर में शनिवार से दो दिवसीय कार्यशाला एवं पशु मेले का शुभारंभ हुआ। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) की ओर से 19 और 20 सितंबर को आयोजित इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से पशुपालक अपनी उन्नत नस्ल के पशुओं के साथ पहुंचे हैं। मेले में गाय, भैंस, बकरी और घोड़े सहित विभिन्न प्रजातियों के पशु लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
आयोजकों के अनुसार, केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की संयुक्त पहल के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य पशुपालकों को दुग्ध विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और दूध उत्पादन को बढ़ावा देना है। मेले में हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और झारखंड समेत करीब 10 से 12 राज्यों के पशुपालक भाग ले रहे हैं।

दूध उत्पादन क्षमता के आधार पर होगा मूल्यांकन
गुरु रविदास आश्रम काशी से जुड़े संत प्रकाशानंद ने बताया कि विभिन्न राज्यों के पशुपालक अपने क्षेत्र की उन्नत प्रजातियों के पशुओं के साथ प्रतियोगिता में शामिल हुए हैं। पशुओं की दुग्ध उत्पादन क्षमता समेत निर्धारित मानकों के आधार पर उनका मूल्यांकन किया जा रहा है। कई पशुपालक अपने पशुओं को प्रतियोगिता स्थल पर दो दिन पहले ही लेकर पहुंच गए थे।

प्रतियोगिता में सर्वाधिक दूध देने वाले पशुओं को निर्धारित मानकों के अनुसार प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा प्रतिभागी पशुपालकों को प्रशस्ति पत्र और विभिन्न श्रेणियों में प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। आयोजन के जरिए पशुपालकों को प्रोत्साहित करने और बेहतर पशुपालन के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जा रहा है।

वैज्ञानिक पशुपालन की दी जाएगी जानकारी
दो दिवसीय कार्यक्रम में पशुपालकों को सरकार की विभिन्न पशुपालन एवं दुग्ध विकास योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। विशेषज्ञ पशुओं के बेहतर पोषण, स्वास्थ्य, देखभाल और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के वैज्ञानिक तरीकों से भी परिचित कराएंगे।
आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर जोर
आयोजकों का कहना है कि पशुपालन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से यह आयोजन किया जा रहा है। बीएचयू का डेयरी फार्म परिसर दो दिनों तक देशभर के पशुपालकों, उन्नत नस्ल के पशुओं और डेयरी विकास से जुड़ी गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना रहेगा।

