नागेपुर की दो बेटियों ने बढ़ाया क्षेत्र का मान, अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी में 42 लाख रुपये की छात्रवृत्ति के साथ मिला प्रवेश
वाराणसी। मिर्जामुराद क्षेत्र की दो मेधावी छात्राओं ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए क्षेत्र का नाम रोशन किया है। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम नागेपुर स्थित आशा ज्ञान पुस्तकालय से जुड़ी गुड़िया और मुस्कान का चयन अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के स्नातक (यूजी) कार्यक्रम में 100 प्रतिशत छात्रवृत्ति के साथ हुआ है। दोनों छात्राओं को चार वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए लगभग 21.20 लाख रुपये प्रति छात्रा, यानी कुल करीब 42.40 लाख रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई है।
मेंहदीगंज निवासी गुड़िया का चयन बीएससी बायोलॉजी तथा परमानंदपुर निवासी मुस्कान का चयन बीएससी केमिस्ट्री पाठ्यक्रम के लिए हुआ है। दोनों छात्राएं आर्थिक रूप से साधारण परिवारों से आती हैं। गुड़िया बुनकर मजदूर परिवार से हैं, जबकि मुस्कान किसान परिवार की बेटी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद दोनों ने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया।

इस सफलता के उपलक्ष्य में रविवार को लोक समिति पुस्तकालय भवन में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आशा ज्ञान पुस्तकालय के संयोजक पंचमुखी सिंह ने दोनों छात्राओं का माल्यार्पण कर स्वागत किया। लोक समिति के संयोजक नंदलाल मास्टर, नागेपुर के ग्राम प्रधान मुकेश कुमार, पंचायत सचिव सुरजीत गुप्ता तथा गंजारी के ग्राम प्रधान अमित कुमार ने छात्राओं को उपहार और मिठाई देकर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
नंदलाल मास्टर ने बताया कि अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर लिखित परीक्षा और साक्षात्कार आयोजित करती है। चयन प्रक्रिया में सफल होने वाले चुनिंदा छात्रों को ही पूर्ण छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।

उन्होंने बताया कि दोनों छात्राओं की सफलता में आशा ज्ञान पुस्तकालय के संयोजक पंचमुखी सिंह, अवनीश, सीएलई ट्रस्ट के राहुल पांडेय, शालिनी, सरिता, लीला बहन, सिद्धार्थ जी तथा अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के सहयोगियों और स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम में अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी भोपाल के छात्र अनीष, सोनी, अरविंद, मनीष, आलोक, आंशिक, शिवानी, पायल, कोमल, गुंजा, दिव्या सहित पुस्तकालय से जुड़े अनेक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। चयनित छात्राओं ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने अभिभावकों, शिक्षकों और मार्गदर्शकों को देते हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

