मनीष हत्याकांड के दो आरोपी एनकाउंटर में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली, घोषित था 50-50 हजार का इनाम
वाराणसी। फूलपुर थाना क्षेत्र में सोमवार की रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में मनीष हत्याकांड के दो फरार इनामी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस उपायुक्त गोमती जोन के अनुसार, 50-50 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त आशीष राजभर और मनीष राजभर को संयुक्त कार्रवाई में पकड़ा गया। दोनों अभियुक्तों के पैर में गोली लगी है और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
26 अप्रैल को ग्राम घमहापुर में एक अनियंत्रित कार से महिला को टक्कर लगने के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कार चालक मनीष सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस मामले में मृतक के परिजनों की तहरीर पर थाना फूलपुर में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की निगरानी पुलिस उपायुक्त नीतू कादयान और अपर पुलिस उपायुक्त नृपेन्द्र द्वारा लगातार की जा रही थी।

इस प्रकरण में पुलिस पहले ही चार अभियुक्तों मनोज प्रजापति, हरिश्चन्द्र राजभर, योगेन्द्र प्रजापति और अभिषेक उर्फ बुद्धू को गिरफ्तार कर चुकी थी। इसके अलावा फरार आरोपियों को शरण देने वाले पांच अन्य व्यक्तियों को भी 3 मई को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। फरार चल रहे मुख्य अभियुक्त आशीष राजभर और मनीष राजभर की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी। पहले इन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया, जिसे बाद में बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दिया गया।

सोमवार को थाना फूलपुर और एसओजी की संयुक्त टीम क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि संदिग्ध व्यक्ति ग्राम कठिराव खरका स्थित एक जर्जर मकान में छिपे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही अभियुक्तों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों अभियुक्तों के पैर में गोली लगी और उन्हें मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से एक-एक अवैध तमंचा .315 बोर और जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पूरे ऑपरेशन में थाना फूलपुर पुलिस और एसओजी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है और अन्य संबंधित पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

