नेपाल बाढ़ त्रासदी में जान गंवाने वाली दिवंगत आत्माओं को काशी की गंगा आरती में दी गई श्रद्धांजलि, मूलसालधार बारिश में नहीं डिगी आस्था
वाराणसी। पड़ोसी देश नेपाल में आई भयावह बाढ़ से हुई जनहानि ने भारत समेत पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए काशी में भी श्रद्धांजलि और प्रार्थना का क्रम शुरू हो गया है। गुरुवार को दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि की ओर से आयोजित विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती में नेपाल बाढ़ त्रासदी में दिवंगत लोगों की आत्मा की शांति के लिए विशेष प्रार्थना की गई।
गंगा आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने मां गंगा से नेपालवासियों को इस कठिन समय से उबरने की शक्ति देने की कामना की। साथ ही बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को दुख सहने का संबल देने और आपदा में घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की गई।

हाथों में तख्तियां लेकर दी श्रद्धांजलि
गंगा आरती के दौरान घाट पर मौजूद श्रद्धालु नेपाल बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते नजर आए। कई श्रद्धालुओं के हाथों में श्रद्धांजलि और प्रार्थना से जुड़ी तख्तियां थीं। आरती के बीच दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए श्रद्धालुओं ने कुछ क्षण मौन रखकर प्रार्थना की।
घाट पर मौजूद लोगों ने मां गंगा से नेपालवासियों के लिए संकट की इस घड़ी में शक्ति और साहस प्रदान करने की कामना की। गंगा आरती का यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ मानवीय संवेदना का भी संदेश देता नजर आया।

तेज बारिश के बीच भी जारी रही गंगा आरती
गंगा आरती के दौरान अचानक मौसम ने करवट ली और तेज बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर में दशाश्वमेध घाट और आसपास का क्षेत्र बारिश से भीग गया। घाट पर मौजूद श्रद्धालु और गंगा आरती कराने वाले अर्चक भी बारिश में भीगते रहे, लेकिन श्रद्धा और आस्था का सिलसिला नहीं रुका।
भारी बारिश के बावजूद गंगा आरती विधिवत जारी रही। अर्चकों ने पूरे अनुशासन और श्रद्धा के साथ मां गंगा की आरती संपन्न की। बारिश के बीच श्रद्धालुओं का आरती में डटे रहना काशी की धार्मिक आस्था की मजबूती को दर्शाता रहा।

गंगा का जलस्तर बढ़ने से कार्यालय की छत पर हो रही आरती
गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण इन दिनों गंगा सेवा निधि के कार्यालय की छत पर गंगा आरती आयोजित की जा रही है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं आई है।
गुरुवार को भी भारी बारिश के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु आरती में शामिल हुए। घाट और आसपास मौजूद लोगों के साथ नावों पर सवार श्रद्धालुओं ने भी आरती में सहभागिता की। बारिश में भीगते श्रद्धालुओं और अर्चकों के बीच गंगा आरती का दृश्य बेहद भावुक और श्रद्धा से भरा रहा।
सुशांत मिश्रा ने कहा कि नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा से पूरा समाज दुखी है। इस त्रासदी में जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई, उनकी आत्मा की शांति के लिए मां गंगा से प्रार्थना की गई। साथ ही आपदा में प्रभावित परिवारों को इस दुख की घड़ी में शक्ति देने और नेपालवासियों को संकट से उबरने का सामर्थ्य प्रदान करने की कामना की गई।
उन्होंने कहा कि काशी की गंगा आरती केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानवता और संवेदना का भी संदेश देती है। नेपाल में संकट की इस घड़ी में काशी की ओर से प्रार्थना और श्रद्धांजलि इसी मानवीय भावना की अभिव्यक्ति है।

