अस्सी घाट की गंगा आरती में लखनऊ अग्निकांड के दिवंगत बच्चों को दी गई श्रद्धांजलि, दो मिनट का मौन रखकर की आत्मा की शांति के लिए की प्रार्थना
रिपोर्ट / ओमकार नाथ
वाराणसी। काशी के अस्सी घाट पर मंगलवार की संध्या होने वाली गंगा आरती से पूर्व एक भावुक दृश्य देखने को मिला। लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड में जान गंवाने वाले मासूम बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए जय मां गंगा सेवा समिति की ओर से गंगा आरती शुरू होने से पहले दो मिनट का मौन रखा गया। इस दौरान घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं, पर्यटकों और समिति के सभी सदस्यों ने मौन धारण कर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।
मौन के बाद मां गंगा के समक्ष विशेष प्रार्थना की गई और ईश्वर से हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों की आत्मा को शांति प्रदान करने तथा शोक संतप्त परिवारों को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति देने की कामना की गई। जय मां गंगा सेवा समिति के अर्चक विकास मिश्रा ने कहा कि लखनऊ में हुई यह घटना अत्यंत दुखद और हृदय विदारक है। मासूम बच्चों की असमय मृत्यु ने पूरे देश को झकझोर दिया है। उन्होंने कहा कि गंगा आरती केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानवता और लोककल्याण का संदेश भी देती है। इसी भावना के तहत समिति ने दिवंगत बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का निर्णय लिया।

उन्होंने कहा, "आज गंगा आरती से पहले हम सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत बच्चों की आत्मा की शांति के लिए मां गंगा और भगवान से प्रार्थना की है। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा उनके परिजनों को इस दुखद घड़ी को सहने की शक्ति प्रदान करें।" मौन के दौरान पूरे घाट पर कुछ क्षणों के लिए गहरा सन्नाटा छा गया। देश-विदेश से गंगा आरती देखने पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी इस श्रद्धांजलि में भाग लिया। इसके बाद पूरे विधि-विधान से मां गंगा की भव्य आरती संपन्न हुई, जिसमें विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना की गई।
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि किसी भी त्रासदी में समाज का एकजुट होकर पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करना हमारी सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है। काशी से मां गंगा के साक्षी में की गई यह प्रार्थना पूरे देश के लिए शांति, करुणा और मानवीय एकता का संदेश है।

