सिग्नेचर ब्रिज पर 4 ट्रैक पर गुजरेंगी ट्रेनें, अंतिम दौर में पहुंचा डिजाइन का काम, मॉडल स्टेशन बनेंगे काशी और कैंट
वाराणसी। सिग्नेचर ब्रिज से 4 ट्रैक से ट्रेनें गजुरेंगी। ब्रिज के डिजाइन का काम अंतिम दौर में पहुंच चुका है। उत्तर रेलवे के डीआरएम सुनील कुमार वर्मा ने शुक्रवार को काशी रेलवे स्टेशन से व्यासनगर तक चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।
डीआरएम ने बताया कि काशी और कैंट रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रस्तावित सिग्नेचर ब्रिज के डिजाइन का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इसके निर्माण के बाद इस मार्ग पर चार रेलवे ट्रैक से ट्रेनों का संचालन किया जाएगा, जिससे रेल यातायात अधिक सुगम और व्यवस्थित होगा।
उन्होंने बताया कि कैंट रेलवे स्टेशन से आगे डीआरएम कार्यालय के पास से व्यासनगर होते हुए जौनपुर मार्ग तक रेलवे ट्रैक के विस्तार और निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया। योजना के तहत काशी से व्यासनगर तक चार रेलवे ट्रैक बिछाए जाएंगे, जबकि सड़क को छह लेन का बनाया जाएगा।
परियोजना के तहत रेल ट्रैक के दोनों ओर पिलर बनाए जाएंगे और उनके ऊपर सड़क का निर्माण किया जाएगा। इससे रेलवे और सड़क यातायात दोनों को लाभ मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार यह व्यवस्था क्षेत्र में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
डीआरएम ने कहा कि सिग्नेचर ब्रिज का डिजाइन तैयार करते समय सड़क, रेलवे ट्रैक और आसपास की संरचनाओं को विशेष रूप से ध्यान में रखा गया है, ताकि निर्माण के दौरान लोगों को कम से कम असुविधा हो। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन डिजाइन का कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही निर्माण कार्य को गति दी जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वाराणसी से लेकर काशी स्टेशन तथा व्यासनगर तक कई स्थानों पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। कुछ हिस्सों में जमीन संबंधी कार्य अंतिम चरण में हैं, जबकि अंडरपास और बाउंड्री वॉल का निर्माण भी जारी है।
परियोजना पूरी होने के बाद वाराणसी से काशी होते हुए जौनपुर और अन्य मार्गों की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी तथा यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण से क्षेत्र के विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

