सटीक जनगणना के लिए फील्ड ट्रेनर्स को प्रशिक्षण, चार बैचों में 160 प्रशिक्षु होंगे तैयार
सारनाथ में शुरू हुआ छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम, पहले चरण में 80 प्रशिक्षुओं ने लिया प्रशिक्षण
वाराणसी। जनगणना-2027 के द्वितीय चरण को व्यवस्थित और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के लिए फील्ड ट्रेनर्स का प्रशिक्षण गुरुवार को केंद्रीय उच्च तिब्बती अध्ययन संस्थान, सारनाथ के एपी गेस्ट हाउस सभागार में शुरू हुआ। वाराणसी में प्रशिक्षण कार्यक्रम आठ से 10 अक्टूबर और 12 से 14 अक्टूबर तक चार बैचों में आयोजित किया जा रहा है। पहले चरण में 80 प्रशिक्षु फील्ड ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय उच्च तिब्बती अध्ययन संस्थान के कुलपति प्रो. वांगचुक दोर्जे नेगी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि जनगणना महज आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के भावी विकास, नीतिगत नियोजन और समावेशी विकास की आधारशिला है। उन्होंने फील्ड ट्रेनर्स से पूरी निष्ठा, पारदर्शिता, सजगता और सटीकता के साथ दायित्व निभाने का आह्वान किया।

संस्थान के डिप्टी रजिस्ट्रार हिमांशु पांडेय ने प्रशिक्षण के सफल आयोजन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संस्थान का शांत और अनुकूल वातावरण प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने में सहायक होगा।

80 प्रशिक्षुओं को दो बैचों में प्रशिक्षण
कार्यक्रम के दौरान अपर जिला अधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं जिला जनगणना अधिकारी डॉ. सदानंद गुप्ता ने प्रशिक्षण स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए प्रशिक्षुओं को जनगणना कार्य की महत्ता समझाई। उन्होंने सही एवं सटीक सूचनाओं के संकलन, निर्धारित दिशा-निर्देशों के पालन और प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया।

पहले चरण में 80 प्रशिक्षुओं को 40-40 के दो बैचों में प्रशिक्षण दिया गया। चार मास्टर ट्रेनर्स नरसिंह मौर्य, लालधारी यादव, सुजीत सिंह और चंद्र प्रकाश सिंह ने प्रशिक्षण दिया। जनगणना निदेशालय से उप निदेशक जनगणना अजय कुमार और जिला प्रभारी नीलम भी मौजूद रहीं।

फील्ड कार्य की बारीकियां बताईं
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जनगणना की प्रक्रिया, दिशा-निर्देशों और फील्ड स्तर पर कार्य करते समय बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर्स जनगणना कार्य को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से संचालित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
अधिकारियों ने कहा कि जनगणना-2027 को वैज्ञानिक, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने के लिए प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी और सटीकता जरूरी है। प्रशिक्षण के माध्यम से फील्ड ट्रेनर्स को तैयार किया जा रहा है, ताकि जनगणना के दौरान सूचनाओं का संकलन निर्धारित मानकों के अनुरूप हो सके।

