एफएसएसएआई नियमों में सरलीकरण से वाराणसी के व्यापारियों में खुशी, पटाखा फोड़कर मनाया जश्न
वाराणसी। व्यापारियों ने खाद्य विभाग के नियमों में केंद्र सरकार द्वारा किए गए हालिया सरलीकरण का स्वागत करते हुए खुशी जाहिर की है। व्यापारियों का कहना है कि इन बदलावों से छोटे और मध्यम स्तर के कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी। इस फैसले पर खुशी जताते हुए काशी बिस्कुट एंड कन्फेक्शनरी व्यापार मंडल तथा वाराणसी व्यापार मंडलl के अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा ने केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

उन्होंने दौरान बताया कि व्यापारी पिछले चार से पांच वर्षों से खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों में सरलीकरण की मांग कर रहे थे। उनका कहना है कि सरकार द्वारा किए गए इन बदलावों से व्यापारियों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं और राहतें प्राप्त होंगी।
उन्होंने बताया कि सबसे बड़ी राहत लाइसेंस की अवधि को लेकर मिली है। पहले खाद्य विभाग का लाइसेंस एक से पांच वर्ष की अवधि के लिए जारी किया जाता था, जिसके बाद उसे नवीनीकरण कराना पड़ता था। लेकिन अब इस व्यवस्था को बदलते हुए लाइसेंस को आजीवन (लाइफटाइम) कर दिया गया है। इससे व्यापारियों को बार-बार लाइसेंस रिन्यू कराने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी।

इसके अलावा रजिस्ट्रेशन की सीमा में भी महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की गई है। पहले 12 लाख रुपये तक के वार्षिक टर्नओवर वाले कारोबारियों को रजिस्ट्रेशन की छूट थी, जिसे अब बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस फैसले से छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
फेरी और ठेले पर कारोबार करने वाले छोटे व्यापारियों के लिए भी राहत की व्यवस्था की गई है। यदि किसी फेरी वाले या पटरी दुकानदार के पास नगर निगम का लाइसेंस या रसीद है, तो उन्हें अलग से खाद्य विभाग में पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी।
व्यापारियों का कहना है कि इस फैसले से आर्थिक रूप से भी राहत मिलेगी, क्योंकि लाइसेंस नवीनीकरण के लिए लगने वाले लगभग तीन हजार रुपये के खर्च और दफ्तरों के चक्कर से अब छुटकारा मिल जाएगा। इस निर्णय की खुशी में वाराणसी के व्यापारियों ने जश्न भी मनाया। व्यापारियों ने पटाखे और अनार जलाकर अपनी खुशी व्यक्त की और एक-दूसरे के साथ-साथ आम लोगों को जलेबी खिलाकर मुंह मीठा कराया। उन्होंने इस फैसले को व्यापार जगत के लिए ऐतिहासिक कदम बताया।
अजीत सिंह बग्गा ने कहा कि इस फैसले से देशभर के करोड़ों छोटे और बड़े व्यापारियों को लाभ मिलेगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि नियमों में अभी कुछ छोटी विसंगतियां बाकी हैं, जिन्हें दूर करने के लिए सरकार से आगे भी मांग की जाएगी।

