संपूर्ण समाधान दिवस: डीएम ने सुनी फरियादियों की समस्या, शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के दिए निर्देश, लापरवाही पर कार्रवाई की दी चेतावनी
वाराणसी। शासन की मंशा के अनुरूप शनिवार को तहसील कार्यालयों में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने पिंडरा तहसील में लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान कुल 131 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें 12 का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष शिकायतें संबंधित विभागों को सुपुर्द कर दी गईं। डीएम ने शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त सभी प्रार्थना पत्रों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और अधिकतम एक सप्ताह के भीतर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी शिकायत का संतोषजनक निस्तारण नहीं पाया गया तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप सुशासन को जनपद के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसलिए अधिकारी शिकायतकर्ताओं की बातों को गंभीरता से सुनें और उनके मुद्दों का निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से समाधान करें। उन्होंने विशेष रूप से राजस्व और भूमि विवाद से जुड़े मामलों के निस्तारण में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जमीन और राजस्व से संबंधित शिकायतों की जांच के लिए कानूनगो, लेखपाल और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण और सत्यापन करे। जांच के दौरान शिकायतकर्ता अथवा मौके पर मौजूद व्यक्तियों के हस्ताक्षर लिए जाएं और फोटो भी अनिवार्य रूप से लिए जाएं, ताकि जांच प्रक्रिया पारदर्शी और प्रमाणिक बन सके।
जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को यह भी निर्देश दिया कि वे अपने-अपने विभागों में आने वाली शिकायतों का निस्तारण विभाग स्तर पर ही सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें समयबद्ध तरीके से राहत मिल सके। संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान कुल 131 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 12 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर उनका गुणवत्तापूर्ण समाधान किया जाए।

