TI/TSI नियुक्त होंगे रूट मार्शल, सड़कों की करेंगे निगरानी, RTC योजना से वाराणसी में ट्रैफिक सुधार की पहल
वाराणसी। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने शहर में बढ़ती ट्रैफिक समस्या को नियंत्रित करने के लिए “Reducing Traffic Congestion (RTC) Scheme” के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु बुधवार को कैंप कार्यालय में एक महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की। इस दौरान उन्होंने चिह्नित 10 प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था को सुचारू, सुरक्षित और बाधारहित बनाए रखने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए।
पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि RTC योजना के तहत चिह्नित सभी प्रमुख मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। प्रत्येक मार्ग के लिए T.I./T.S.I. स्तर के अधिकारियों को “रूट मार्शल” नियुक्त किया गया है, जो पीक आवर्स में ट्रैवल टाइम कम करने, अवैध रूप से खड़े वाहनों को हटवाने और यातायात को निर्बाध बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होंगे। रूट मार्शल अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं की दैनिक समीक्षा करेंगे और सुधार की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजेंगे। साथ ही, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त प्रवर्तन कार्रवाई भी सुनिश्चित करेंगे।

थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में चिन्हित मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखें। इसके लिए ऑटो, ई-रिक्शा, टैक्सी, ट्रक और बस यूनियनों के पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित करें कि सड़क किनारे अनावश्यक रूप से वाहन खड़े न हों। इसके अलावा स्कूल और कॉलेज प्रबंधन से संपर्क कर परिसर के भीतर ही पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सड़क पर वाहनों का दबाव न बढ़े।
जाम की समस्या के समाधान के लिए 5E मॉडल—Education and Awareness (शिक्षा एवं जागरूकता), Enforcement (प्रवर्तन), Engineering and Technological Intervention (इंजीनियरिंग व तकनीकी हस्तक्षेप), Encroachment Removal (अतिक्रमण हटाना) और E-rickshaw Operation (ई-रिक्शा संचालन)—के तहत समन्वित कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आयुक्त ने यह भी कहा कि किसी भी स्थिति में यातायात अवरुद्ध नहीं होना चाहिए। यदि कहीं जाम की स्थिति उत्पन्न होती है, तो संबंधित चौकी प्रभारी, थाना प्रभारी और रूट मार्शल की जिम्मेदारी तय कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को लगातार क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर यातायात व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, राजघाट पुल पर तैनात QRT टीम को विशेष रूप से सक्रिय और सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई कर यातायात को सामान्य किया जा सके। पुलिस आयुक्त स्वयं भी चिह्नित मार्गों का निरीक्षण कर व्यवस्था की समीक्षा करेंगे।

