BHU में चौथे दिन भी कड़ा सुरक्षा घेरा, ड्रोन से निगरानी, छात्रों ने उठाई सख्त कानून की मांग

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वाराणसी। कथित पेपर लीक के मुद्दे को लेकर चल रहे विरोध और बढ़ती संवेदनशीलता के बीच काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में लगातार चौथे दिन भी सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त रही। विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार सिंहद्वार समेत पूरे परिसर में पुलिस, प्रॉक्टोरियल बोर्ड और स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) की टीमें मुस्तैद रहीं। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी ड्रोन कैमरों के माध्यम से की गई, जबकि परिसर में आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सघन जांच की गई।

विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने संयुक्त रूप से परिसर की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी। सिंहद्वार, काशी विश्वनाथ मंदिर, मधुबन पार्क तथा प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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इस बीच पेपर लीक के मुद्दे पर छात्रों का आक्रोश कम होने का नाम नहीं ले रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों से लाखों युवाओं के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है। उनका आरोप है कि हर बार जांच और कार्रवाई की घोषणा तो होती है, लेकिन दोषियों तक प्रभावी कार्रवाई नहीं पहुंचती, जिससे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति होती रहती है।

वाराणसी के भगवानपुर क्षेत्र में नीट, जेईई और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों तथा बीएचयू के पूर्व छात्रों ने "पेपर लीक की समस्या और समाधान" विषय पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए संसद से कठोर और प्रभावी कानून बनाने की मांग की। उनका कहना था कि जब तक पेपर लीक करने वाले संगठित नेटवर्क के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक छात्रों का भरोसा पूरी तरह बहाल नहीं हो सकेगा।

बीएचयू छात्रसंघ के पूर्व महामंत्री डॉ. सूबेदार सिंह ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि बार-बार पेपर लीक की घटनाओं से शिक्षा व्यवस्था की साख प्रभावित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के वर्षों में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में लगातार अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने कहा कि केवल प्रशासनिक बदलाव से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि पेपर लीक में शामिल लोगों और संस्थानों के खिलाफ कड़े दंड का स्पष्ट कानूनी प्रावधान होना चाहिए।

दूसरी ओर, एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय परिसर या उसके आसपास किसी भी संगठन अथवा व्यक्ति को धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य परिसर में शांति बनाए रखना और छात्रों सहित सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

फिलहाल बीएचयू परिसर में सुरक्षा व्यवस्था यथावत बनी हुई है। पुलिस, प्रॉक्टोरियल बोर्ड और एलआईयू की टीमें लगातार गश्त और निगरानी कर रही हैं। प्रशासन का कहना है कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।

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