वाराणसी में दर्दनाक हादसा : जहरीले कनेर फल के सेवन से तीन मासूम बच्चियों की मौत, गांव में मातम
रिपोर्टर- सूरज गुप्ता
वाराणसी। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र अंतर्गत करधना इलाके से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां जहरीले कनीयल (कनेर) के फल का सेवन करने से तीन बच्चियों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मृत बच्चियों की पहचान हर्षिता (6 वर्ष), अंशिका (3 वर्ष) और नैंसी (4 वर्ष) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि हर्षिता और अंशिका सगी बहनें थीं। तीनों मासूमों ने खेलते समय कनीयल का फल खा लिया था, जिसके कुछ समय बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।

पुलिस के अनुसार मामला रविवार का है। करधना गांव में बच्चों का एक समूह खेल रहा था, जिसमें कुल 07 बच्चे शामिल थे। खेल-खेल में 03 बच्चियों ने अनजाने में कनेर का फल खा लिया, जो अत्यंत विषैला होता है। फल खाने के कुछ समय बाद तीनों की तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें पेट दर्द की शिकायत हुई।

परिजनों द्वारा तीनों बच्चियों को पहले आसपास के चिकित्सालय में ले जाया गया, जहां आराम न मिलने पर उन्हें दीनदयाल जिला चिकित्सालय ले जाने की तैयारी की गई। इसी दौरान उपचार हेतु ले जाते समय हर्षिता और अंशिका की मृत्यु हो गई। परिजनों द्वारा इन दोनों बच्चियों का बिना पुलिस को सूचना दिए दाह संस्कार कर दिया गया।
तीसरी बच्ची नैनसी का इलाज में चल रहा था, जहां सोमवार प्रातः लगभग 08:00 बजे उपचार के दौरान उसकी भी मृत्यु हो गई। बीएचयू अस्पताल से प्राप्त मेमो के आधार पर थाना मिर्जामुराद को घटना की जानकारी हुई, जिसके बाद लंका पुलिस द्वारा पंचायतनामा की कार्यवाही की जा रही है।

घटना की सूचना मिलने पर अपर पुलिस उपायुक्त, गोमती ज़ोन, वैभव बांगर ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच में यह भी स्पष्ट किया गया कि शेष 04 बच्चों ने कनेर का फल नहीं खाया था। एहतियातन सभी चारों का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिनकी स्थिति सामान्य पाई गई है।
पुलिस के अनुसार, परिजनों द्वारा किसी भी प्रकार की अनहोनी या आपराधिक षड्यंत्र की कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। प्रारंभिक जांच में फाउल प्ले के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। यह घटना दुर्घटनावश जहरीले फल के सेवन के कारण होना पाई गई है।

इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे करधना गांव में शोक का माहौल है। प्रशासन ने एक बार फिर अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को जहरीले पौधों और फलों से दूर रखें तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता प्राप्त करें।


